
Sawai Madhopur News: सवाईमाधोपुर। राजस्थान में उपभोक्ताओं को एक बार फिर ‘करंट’ का झटका लगेगा। बिजली उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि देनी होगी। विद्युत निगम की ओर से यह रकम प्रतिभूति (सिक्योरिटी) राशि के रूप में ली जा रही है। इसके लिए जिले में डिस्कॉम ने उपभोक्ताओं को नोटिस भी भेजना शुरू कर दिया है। ऐसे में बिल के साथ नोटिस देखकर लोग परेशान हो रहे है।
विद्युत निगम बिजली उपभोक्ताओं की जेब से फिर मोटी राशि निकालने की तैयारी में है। यह रकम प्रतिभूति (सिक्योरिटी ) राशि के रूप में ली जा रही है। विद्युत निगम के अनुसार जिले में घरेलू श्रेणी के कुल उपभोक्ता 1 लाख 19 हजार 813 है, जबकि कर्मिशियल उपभोक्ता 9 हजार 590 है।
उपभोक्ता मामले के विशेषज्ञ हरि प्रसाद योगी ने बताया कि नए विद्युत कनेक्शन लेते समय उपभोक्ताओं से सिक्योरिटी राशि जमा कराई जाती है। विद्युत कंपनियां, विद्युत उपभोग की नियमित राशि प्रति महीने लेती हैं। वहीं प्रति माह तीन सौ से चार सौ रुपए स्थाई विद्युत शुल्क के नाम से वसूले जाते हैं। विद्युत शुल्क के नाम से 100 से 200 रुपए और पचास से साठ रुपए नगरीय उपकर के नाम से एवं 300 से 400 फ्यूल चार्ज के नाम से लिए जाते हैं।
इससे उपभोक्ताओं का कोई लेना देना नहीं होता है। इतने सारे विभिन्न शुल्क प्रति माह बिजली के बिलों से वसूले जाने के बाद भी विद्युत कम्पनियां अब सितंबर माह से प्रतिभूति के नाम पर दो माह के विद्युत बिलों के बराबर सिक्यूरिटी राशि वसूलने के नोटिस दे रही हैं। यह मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए आर्थिक बोझ है। राज्य सरकार को बिजली कम्पनियों पर उपभोक्ताओ के साथ किए जा रहे आर्थिक शोषण पर अंकुश लगाना चाहिए।
डिस्कॉम हर उपभोक्ता से एडवांस राशि लेता है, जो प्रतिभूति राशि के रूप में होती है। इसके पीछे तर्क है कि यदि उपभोक्ता बिल जमा नहीं कराता है तो इस प्रतिभूति राशि में से बिल जमा कर लिया जाए। मान लें कि किसी के घर का दो माह का औसत बिल 6 हजार रुपए आ रहा है तो डिस्कॉम उपभोक्ता से अतिरिक्त 6 हजार रुपए प्रतिभूति राशि के रूप में अपने पास जमा रखेगा।
ब्रह्मपुरी रेलवे कॉलोनी निवासी उपभोक्ता मिथलेस शर्मा, आलनपुर निवासी रामबिलास नाथ, नाजिर अली व लक्ष्मीनारायण शाह ने बताया कि अब से पहले कभी भी इस प्रकार का नोटिस न तो देखा और न सुना हैं। पहली बार इस प्रकार के नोटिस देख कर परेशान है। डिस्कॉम की ओर से बिल के साथ सिक्योरिटी राशि के नोटिस भेजे हैं।
यह आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ है। एडवांस सिक्योरिटी के नाम से यह आर्थिक बोझ उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण और मनमानी है, जबकि विद्युत निगम की ओर से बिजली की बार-बार कटौती की जाती है। प्रतिमाह बिल की राशि वसूली जाती है। अब सिक्योरिटी राशि जमा कराने के नोटिस से लोग परेशान नजर आ रहे हैं।
उपभोक्ताओं को अब बिजली बिल के साथ सिक्योरिटी राशि भी जमा करानी होगी। इसके लिए घरेलू व कमर्शियल उपभोक्ताओं को नोटिस भी भेजे जा रहे हैं।
-अशोक बुजेठिया, अधिशासी अभियंता, विद्युत निगम सवाईमाधोपुर
Updated on:
10 Sept 2024 02:19 pm
Published on:
10 Sept 2024 02:19 pm
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