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Rajasthan : किसानों के लिए खुशखबरी, ऋण अदायगी की बढ़ाई गई तारीख, ब्याज में भी 7 प्रतिशत की मिल रही छूट

Krishi Loan: राजस्थान के किसानों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। फसली ऋण अदायगी की तारीख 15 मई 2026 तक बढ़ा दी गई है। इस बीच यदि किसान अपना ऋण जमा करते हैं तो उन्हें 7 प्रतिशत तक ब्याज माफी योजना का भी लाभ मिलेगा।

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सवाई माधोपुर। जिला समेत प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने अल्पकालीन फसली ऋण चुकाने की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 15 मई 2026 कर दी है। पहले यह तिथि 31 मार्च निर्धारित थी, लेकिन किसानों की सुविधा को देखते हुए इसमें विस्तार किया गया है। इस निर्णय से जिले के हजारों किसानों को आर्थिक दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है।

सवाई माधोपुर केन्द्रीय सहकारी बैंक के प्रबंध निदेशक (संयोजक) बिजेन्द्र कुमार शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह ऋण ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से खरीफ 2025 के लिए वितरित किया गया था। अब किसान अपनी बकाया राशि 15 मई तक या ऋण वितरण की तारीख से एक वर्ष (जो भी पहले हो) तक जमा कर सकते हैं।

ऐसे मिलेगा ब्याज छूट का लाभ

उन्होंने बताया कि इस अवधि में ऋण चुकाने वाले किसानों को सरकार की ब्याज अनुदान योजना का सीधा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार की ओर से 4 प्रतिशत और केंद्र सरकार की ओर से 3 प्रतिशत ब्याज सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे किसानों पर ब्याज का बोझ काफी कम हो जाएगा। यह कदम किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

किसानों से अपील

इस निर्णय से सवाई माधोपुर और करौली जिले के कुल 17,159 किसान सीधे लाभान्वित होंगे। बैंक प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना ऋण जमा कराएं, ताकि उन्हें ब्याज में मिलने वाली छूट का पूरा लाभ मिल सके और वे नियमित ऋणी श्रेणी में बने रह सकें।

भविष्य में भी मिलेगा ऋण

अधिकारियों के अनुसार, किसान संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति या नजदीकी सहकारी बैंक शाखा में जाकर अपनी बकाया राशि जमा कर सकते हैं। समय पर भुगतान करने वाले किसानों को न केवल ब्याज अनुदान मिलेगा, बल्कि उन्हें भविष्य में ऋण प्राप्त करने में भी आसानी होगी।

किसानों पर दबाव होगा कम

सरकार के इस फैसले को किसानों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे खेती-किसानी के मौसम में वित्तीय दबाव कम होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। किसानों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और इसे राहत भरा कदम बताया है।