14 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan IPS Jyeshtha Maitrei : बर्थडे पर ‘नो ड्यूटी’! चर्चा में सवाई माधोपुर की नई SP का आदेश, हर तरफ हो रही चर्चा

सवाई माधोपुर की नई एसपी, आईपीएस ज्येष्ठा मैत्रेयी अब अपने एक ताज़ा आदेश को लेकर चर्चा में हैं। खाकी की सख्ती के बीच मानवीय दृष्टिकोण को बढ़ावा देने वाली उनकी एक अनूठी पहल की पूरे राजस्थान पुलिस महकमे में प्रशंसा हो रही है।

3 min read
Google source verification
IPS ज्येष्ठा मैत्रेयी

IPS ज्येष्ठा मैत्रेयी

अक्सर पुलिस की नौकरी को 24 घंटे की तनावपूर्ण और बिना छुट्टी वाली ड्यूटी माना जाता है, जहाँ पुलिसकर्मी अपने परिवार की छोटी-छोटी खुशियों में भी शामिल नहीं हो पाते। लेकिन सवाई माधोपुर की युवा और तेजतर्रार SP, IPS ज्येष्ठा मैत्रेयी ने इस धारणा को बदलते हुए खाकी में संवेदनशीलता की एक नई मिसाल पेश की है।

दरअसल, एसपी ज्येष्ठा ने एक ऐसा आदेश जारी किया है, जिसके तहत अब पुलिसकर्मियों को उनके स्वयं के और उनके परिवार के खास दिनों पर अनिवार्य रूप से छुट्टी दी जाएगी।

जन्मदिन पर 'नो ड्यूटी', विशेष पहल

एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब सवाई माधोपुर जिले में तैनात कांस्टेबल से लेकर सहायक उप निरीक्षक (ASI) स्तर तक के अधिकारियों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को विशेष सौगात मिली है। अब यदि कोई कार्मिक:

  • स्वयं का जन्मदिन
  • पत्नी का जन्मदिन
  • बच्चों का जन्मदिन
  • माता-पिता का जन्मदिन इन खास मौकों पर अवकाश के लिए आवेदन करता है, तो उसे अनिवार्य रूप से आकस्मिक अवकाश (CL) या राजपत्रित अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।

आदेश में स्पष्ट निर्देश, 'अवकाश स्वीकृत करना अनिवार्य'

एसपी ने जिले के समस्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों, वृताधिकारियों और थानाधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि इस श्रेणी के तहत आने वाले आवेदनों पर आवश्यक रूप से अवकाश सुनिश्चित किया जाए। 11 अप्रैल 2026 को जारी इस आदेश का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों के बीच 'वर्क-लाइफ बैलेंस' को सुधारना और उनके तनाव को कम करना है।

क्यों चर्चा में है यह पहल?

आमतौर पर पुलिस विभाग में स्टाफ की कमी या कानून व्यवस्था का हवाला देकर छुट्टियां रद्द कर दी जाती हैं। ऐसे में किसी जिले की कमान संभालने वाली महिला एसपी का जवानों के परिवार के प्रति ऐसा मानवीय दृष्टिकोण रखना राजस्थान पुलिस के लिए एक सकारात्मक संदेश है।

पुलिसकर्मियों का कहना है कि जब हम अपने परिवार के खास दिनों पर उनके साथ होते हैं, तो काम पर वापस लौटने के बाद हमारी ऊर्जा और समर्पण दोगुना हो जाता है।

कड़क छवि के पीछे संवेदनशील दिल

सवाई माधोपुर एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी अपनी ईमानदार और कड़क कार्यशैली के लिए जानी जाती हैं, लेकिन इस फैसले ने उनकी एक संवेदनशील अधिकारी की छवि को भी उजागर किया है। सोशल मीडिया पर इस आदेश की कॉपी वायरल हो रही है और अन्य जिलों के पुलिसकर्मी भी अपने कप्तानों से ऐसी ही पहल की उम्मीद कर रहे हैं।

सकारात्मक माहौल और बेहतर पुलिसिंग की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से पुलिस महकमे में एक सकारात्मक माहौल बनेगा। जब एक सिपाही अपने माता-पिता या बच्चों के जन्मदिन पर घर जा सकेगा, तो उसका मानसिक तनाव कम होगा, जिसका सीधा सकारात्मक असर उसकी ड्यूटी और जनता के साथ उसके व्यवहार पर पड़ेगा।

कौन हैं IPS ज्येष्ठा मैत्रेयी?

मध्य प्रदेश के गुना जिले की रहने वाली ज्येष्ठा मैत्रेयी की कहानी किसी फिल्म की पटकथा से कम नहीं है।

पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनके पिता गिरीश चंद्र आर्य बिजली बोर्ड में थे और माता मंजू आर्य प्राचार्या हैं।

इंजीनियरिंग से खाकी तक: बी.टेक के अंतिम वर्ष में ही उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया और एमपीपीएससी (MPPSC) क्लियर कर डीएसपी बनीं।

पहले प्रयास में UPSC फतह: डीएसपी की नौकरी के साथ-साथ उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और 2017 में अपने पहले ही प्रयास में 156वीं रैंक के साथ आईपीएस बनीं। वे 2018 बैच की राजस्थान कैडर की अधिकारी हैं।

'जासूसी कांड' से चर्चा में आईं

ज्येष्ठा मैत्रेयी तब पूरे देश की सुर्खियों में आई थीं जब वे भिवाड़ी की एसपी थीं। वहां उन्होंने एक ऐसा कदम उठाया जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है। उन्होंने अपनी ही साइबर सेल के 7 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। आरोप था कि वे पुलिसकर्मी खुद अपनी ही एसपी (ज्येष्ठा मैत्रेयी) की लोकेशन ट्रेस कर रहे थे और उनकी जासूसी कर रहे थे। इस 'इंटरनल क्लीनिंग' के बाद वे अपराधियों के साथ-साथ भ्रष्ट तंत्र के लिए भी खौफ का पर्याय बन गईं।

बड़ी खबरें

View All

सवाई माधोपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग