
सवाईमाधोपुर। रणथम्भौर में एक बार फिर नन्हें मेहमानों का आगमन हुआ है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार रणथम्भौर के जोन चार और कुण्डेरा रेंज के अधीन आने वाले वन क्षेत्र में विचरण करने वाली बाघिन टी-111 यानी शक्ति दो शावकों के साथ नजर आई है।
ऐसे में फिर रणथम्भौर में बाघों का कुनबा बढ़ गया है। वनाधिकारियों ने बताया कि अब रणथम्भौर में बाघों की संख्या 75 के करीब हो गई है। वहीं बाघिन के शावकों के साथ नजर आने के बाद वन्यजीव प्रेमियों में भी खुशी की लहर है।
वन विभाग के अनुसार सुबह जामुनदेह के पास बाघिन शक्ति दो शावकों के साथ नजर आई थी। इसका एक धुंधला फोटो कैमरे में भी कैद किया गया है। इसके बाद पर्यटकों ने इस संबंध में वन विभाग को सूचना दी। सूचना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
जानकारी के अनुसार टीम को बाघिन की आवाजें तो सुनाई दे रही हैं, लेकिन झाडि़यां अधिक होने के कारण बाघिन अभी नजर नहीं आ रही है। हालांकि वन्यजीव विशेषज्ञों की मानें तो बाघिन के और भी शावकों को जन्म दिए जाने की संभावना है।
वन अधिकारियों ने बताया कि बाघिन शक्ति की उम्र करीब 7 साल है और बाघिन दूसरी बार मां बनी है। पहली बार शक्ति ने तीन शावकों को जन्म दिया था। बाघिन शक्ति रणथम्भौर की बाघिन कृष्णा यानी टी-19 के अंतिम लिटर की संतान है।
सूत्रों के अनुसार बाघिन शक्ति का मूवमेंट पिछले करीब एक माह से आडीडगर और जामुनदेह के आसपास ही नजर आ रहा था और बाघिन चीतल, सांभर आदि जीवों के शावकों का ही शिकार कर रही थी। ऐसे में बाघिन के मां बनने की संभावना लग रही थी।
बाघिन टी-111 दो शावकों के साथ नजर आई है। विभाग की ओर से ट्रेकिंग और मॉनिटरिंग की जा रही है।
-रामखिलाड़ी मीणा, क्षेत्रीय वनाधिकारी, कुण्डेरा।
Published on:
05 May 2025 12:23 pm
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