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सांपों के साथ खेलते हैं सीकर के आवीश! 3 बार सांप ने काटा… जानिए रणथम्भौर के स्नैक मैन की कहानी

World Snake Day: रणथम्भौर में भी सीकर के रहने वाले आवीश शर्मा चार साल से सांपों का सफलता पूर्वक रेस्क्यू कर रहे हैं।

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World Snake Day

रणथम्भौर में सांप का रेस्क्यू करते आवीश शर्मा। Photo- Patrika

World Snake Day: रणथम्भौर में वन विभाग की ओर से बाघों, पैंथर, भालू आदि का रेस्क्यू तो किया जाता ही है। इसके अलावा बारिश के मौसम में गली मोहल्लों में सांपों के आने के मामलों में भी वृद्धि हो जाती है।

चार साल से कर रहे सांपों का सफलता पूर्वक रेस्क्यू

इसके लिए भी वन विभाग की ओर से रेस्क्यू टीम भेजी जाती है, लेकिन पिछले कुछ सालों से कार्मिकों की कमी के कारण सांपों के रेस्क्यू का कार्य निजी विशेषज्ञों की ओर से ही किया जा रहा है।

रणथम्भौर में भी सीकर के रहने वाले आवीश शर्मा चार साल से सांपों का सफलता पूर्वक रेस्क्यू कर रहे हैं। इस दौरान तीन बार उन्हें सांप ने काट भी लिया, लेकिन भगवान की कृपा से सकुशल हैं।

टीवी पर देखकर सीखा रेस्क्यू का तरीका

आवीश ने बताया कि उन्हें बचपन से ही वाइल्ड लाइफ में रुचि थी। उम्र बढ़ने के साथ साथ यह शौक और बढ़ गया। ऐसे में उन्होंने डिस्कवरी व अन्य वाइल्ड लाइफ चैनल देखना शुरू कर दिया। इन चैनलों पर सांपों को रेस्क्यू के तरीके के बारे में भी जानकारी दी जाती थी। ऐसे में उन्होंने वाइल्ड लाइफ चैनल के माध्यम से सांपों को रेस्क्यू करने की बारीकियां सीखीं।

800 से अधिक सांपों का किया बचाव

पिछले तीन साल से अधिक समय से रणथम्भौर में सांपों को रेस्क्यू करने का कार्य कर रहे आवीश ने अब तक यहां पर 800 से अधिक सांपों का सफलता पूर्वक रेस्क्यू किया है। इससे पहले उन्होंने सीकर में भी सांपों के रेस्क्यू का कार्य किया है।

उन्होंने बताया कि रणथम्भौर में 14 प्रकार के सांप पाए जाते हैं। इनमें कोबरा, कॉमन कररेप, रसल वाइपर, सो स्केल वाइपर आदि कई अधिक जहरीले सांप हैं। वहीं पाथन, रेड स्नैक, कॉनमन ट्रिकेउ आदि कई बिना जहरीले सांप भी शामिल है।


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