
नई दिल्ली। गर्मियों के मौसम की शुरूआत हो चुकी है। गर्मियों में उच्च तापमान की वजह से हम भले ही असहज महसूस करते हैं, लेकिन इस मौसम का अपना अलग ही मजा है। लंबी छुट्टियां, सुनसान दोपहर, ठंडी शाम और ताजे रसीले फलों का स्वाद। ये सारी चीजें इस मौसम को बेहद खास बना देती है।
गर्मियों की तपती दोपहर में ठंडे रसीले फलों को खाना हम सभी को पसंद है लेकिन अगर यहीं फल हमारी जान पर बन आएं तो? डरिए नहीं। हम यहां बात भारत की नहीं कर रहे हैं, लेकिन कुछ ऐसा ही नजारा हमें ऑस्ट्रेलिया में देखने को मिला।
जी, हां आस्ट्रेलिया में खरबूजे के सेवन से तीन व्यक्तियों की जान जा चुकी है और 15 वरिष्ठ लोग संक्रमित हो गए हैं। इनमें से दो मौत न्यू साउथ वेल्स और एक मौत विक्टोरिया में हुई है। संक्रमण से ग्रस्त हुए इन 15 नागरिकों का उपचार करने पर पाया गया कि इन सभी ने केंटालूप नाम के पहाड़ी खरबूज का सेवन किया था। इस खरबूजे में लेस्टीरिया नाम की बैक्टीरिया पाई गई है।
बुजुर्गो, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इस खरबूजे का सेवन करने से सख्त मना किया गया है। न्यू साउथ वेल्स खरबूजे की खेती के लिए मशहूर है और यहां के स्वास्थ्य प्राधिकरण के संचारी रोग के निदेशक विकी शेपर्ड का इस बारे में कहना है कि लेस्टीरिया की चपेट में आए लोगों को एक मार्च से पहले खरीदें गए इस प्रकार के खरबूजों को नहीं इस्तेमाल करना चाहिए। अब सवाल ये आता है कि आखिर ये लैस्टीरिया बैक्टीरिया क्या होता है और इसके क्या लक्षण है?
तो बता दें कि ये संक्रमण, लेस्टीरिया बैक्टीरिया से ग्रस्त किसी भी खाने के सेवन से फैलती है या फिर खेतों में जानवरों के संपर्क में आने से फैलती है। ये दुग्ध पदार्थो में भी पाई जाती है, खासकर पनीर में इसके पाए जाने की आशंका अधिक है। इसके अलावा पैकेट बंद या फिर डिब्बा बंद खाद्य पदार्थो के सेवन से भी इस बीमारी से ग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। इसमें सबसे खतरनाक बात ये है कि इसके लक्षण जल्द ही मालूम नहीं पड़ते हैं लेकिन यदि किसी व्यक्ति को उल्टी, तेज बुखार या दस्त की शिकायत हो तो उसे बिना देर किए चिकित्सक के पास ले जाना चाहिए।

Published on:
22 Mar 2018 12:41 pm
बड़ी खबरें
View Allविज्ञान और टेक्नोलॉजी
ट्रेंडिंग
