
नई दिल्ली। वैज्ञानिकों ने पहली बार एक ऐसा ग्रह खोज निकाला है जहां पृथ्वी की तरह ही जीवन पाया जा सकता है। हमारे सौर मंडल के बाहरी हिस्से में पाए गए इस ग्रह में पानी होने की शंका जताई जा रही है। विज्ञान के हिसाब से अगर यह बात सच हो गई तो यह अब तक की सबसे बड़ी खोज साबित होगी। बता दें कि वैज्ञानिकों ने इस नए इस ग्रह का नाम सुपर अर्थ रखा है। ये ग्रह पृथ्वी से करीब 110 प्रकाश वर्ष दूर है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इसका नाम सुपर अर्थ इसलिए रखा गया है क्यों कि ये पृथ्वी से दो गुना बड़ा है और मंगल से करीब आठ गुना बड़ा है। वैज्ञानिक भाषा में इस नए ग्रह को K2-18b बुलाया जाता है।
कॉलेज लंदन यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों की मानें तो इस ग्रह का तापमान ज़िंदगी के पनपने के लिए बिलकुल सही है। और ये अपने तारे से पास भी स्थित है। इसका मतलब ये होगा कि ये 33 दिनों में अपने ऑर्बिट का चक्कर लगाता है और हमारी पृथ्वी को यही काम करने में 365 दिन लगते हैं। ऐसा इसलिए है क्यों कि ये नया ग्रह अपने तारे से पास है और पृथ्वी से उसका तारा सूरज काफी दूर है। इसका मतलब है इसके साल छोटे होंगे।
बता दें कि इस सुपर अर्थ को साल 2015 में नासा के केप्लर स्पेसक्राफ्ट ने देखा था। लेकिन जो डाटा हाल ही में मिला है वह चौंका देने वाला है। इस ग्रह का तापमान, वातावरण और पानी सब सही होने के आसार हैं। अनुमान लगाया जा सकता है कि यहां जीवन हो सकता है। ग्रह के वायुमंडल में जल वाष्प दिखने की वजह से पता चलता है कि यहां चट्टान और बर्फ हो सकता है।
Published on:
14 Sept 2019 11:27 am
बड़ी खबरें
View Allविज्ञान और टेक्नोलॉजी
ट्रेंडिंग
