पहले भी कई कहानियां साइनाइड के स्वाद को लेकर प्रचालित हैं संडे मॉर्निंग हेराल्ड के मुताबिक, साल 2006 में एक भारतीय शख्स ने किया था उसके स्वाद का खुलासा
नई दिल्ली। कई उपन्यासों में ज़िक्र किया गया है कि जब कोई आतंकवादी पकड़ में आता है तो वह कुछ भी बयान देने से बचने के लिए साइनाइड खाकर मौत को गले लगा लेता है। कई किंवदंतियां हैं कि साइनाइड खाते ही व्यक्ति की मौत हो जाती है। इसे लेकर कई कहानियां हैं जो सुनने को मिलती हैं। कुछ लोग कहते हैं सायनाइड इतना खतरनाक होता है कि इसे टेस्ट करने वाला जब तक इसके स्वाद के बारे में कुछ लिखने की कोशिश करता है उसकी मौत हो जाती है। लेकिन ये सच नहीं है।
ऑस्ट्रेलिया के एक न्यूज़ वेबसाइट संडे मॉर्निंग हेराल्ड के मुताबिक, साल 2006 में एक भारतीय शख्स ने सुसाइड करने के लिए साइनाइड खा लिया था। उसने मरने से पहले खुलासा किया कि उसने पोटेशियम साइनाइड को टेस्ट किया था। साइनाइड के स्वाद के बारे में बताते हुए उसने लिखा था कि 'ये जीभ जला देता है और इसका स्वाद कड़वा होता है।'
जानकारों की मानें तो सेब के बीजों में भी कम मात्रा में साइनाइड पाया जाता है। समझ लेना ज़रूरी है कि साइनाइड कार्बन-नाइट्रोजन का बॉन्ड है। अभी न कभी सेब खाते समय आपने भी उसका बीज गलती से खा लिया होगा। सेब के बीज का स्वाद कड़वा होता है। कुछ-कुछ ऐसा ही स्वाद साइनाइड का भी होता है। गौरतलब है कि सेब का बीज खाने से मौत नहीं होती। लेकिन भरी मात्रा में उसका सेवन कर लिया जाए तो मौत होने की संभावना होती है। साइनाइड का स्वाद कड़वा या मैटलिक होता है। सेब के साथ-साथ बादाम में भी कम मात्रा में साइनाइड पाया जाता है।