
चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों वाली शिक्षा पद्धति की जरूरत है आज: राज्यपाल आनंदी बेन पटेल
सीहोर। स्कूल सिर्फ बिल्डिंग नहीं है, ज्ञान का मंदिर होता है, मैं इसे ईश्वर का मंदिर मानती हूं। यहां शांति प्राप्त होती है। संस्कार प्राप्त होते हैं, जहां परम्पराएं, विरासत, सीखने को मिलती है, देखने को मिलती है। स्कूल में शिक्षक छात्रों का ज्ञानवर्धन करने की दिशा में कदम उठाएं। विद्यालय में स्वच्छता के साथ योग की शिक्षा अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
यह बात जिला मुख्यालय के समीपस्थ इंदौर-भोपाल हाईवे स्थित आईईएस विद्यालय के औपचारिक शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहीं। उन्होंने विद्यार्थियों और अभिभावकों को एक शिक्षक के रूप में शिक्षा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि राजनीति में आने से पूर्व वह शिक्षक रह चुकी हैं। वर्तमान में आज चरित्र निर्माण और जीवन मूल्यों से ओतप्रोत शिक्षा पद्धति की जरूरत है।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर राज्यपाल को आईईएस स्कूल ग्रुप के चेयरमैन इंजीनियर बीएस यादव ने बताया कि गु्रप द्वारा ग्राम रफीकगंज के शासकीय प्राथमिक विद्यालय के दो दर्जन से अधिक बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधा देने के लिए गोद लिया गया है। इस पर राज्यपाल ने इस पहल का स्वागत किया और मंच से ही विद्यार्थियों को स्कूल बेग और बाटल आदि सामग्री भेंट की।
चेयरमैन ने बताया कि ग्रुप द्वारा इन शासकीय विद्यालय में शिक्षा देने के लिए स्कूल के शिक्षकों को वहां पर भेजा जाएगा। जिससे विद्यालय में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को निजी स्कूल की तरह शिक्षा प्राप्त हो। कार्यक्रम में विधायक सुदेश राय ने कहा कि मुझे अपने अभिभावकों ने बचपन में पढ़ाई के लिए इंदौर भेजा था, लेकिन विद्यालय गु्रप ने विद्यार्थियों की बेहतर पढ़ाई के लिए अब शहर में ही आईईएस स्कूल का शुभारंभ कर दिया है तो अब अभिभावकों को अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए इंदौर-भोपाल आदि बड़े शहरों की तरफ नहीं जाना पड़ेगा।
कार्यक्रम में लोकसभा सांसद आलोक संजर, आईईएस पब्लिक स्कूल के चेयरमैन इंजीनियर बीएस यादव ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
कार्यक्रम के दौरान अरुणा राय, भाजपा जिलाध्यक्ष सीताराम यादव, कलेक्टर तरुण पिथौडे, पुलिस अधीक्षक राजेश चंदेल, एसडीएम राजकुमार खत्री उपस्थित थे। अंत में स्कूल की डायरेक्टर डॉ. सुनीता सिंह ने आभार व्यक्त किया।
इधर, दाल का तीखापन देख राज्यपाल बोलीं, इतना तीखा खा लेते हैं बच्चे...
स्कूल के उद्घाटन के अलावा ज्यपाल आंनदी बेन पटेल ने शुक्रवार को समीपस्थ ग्राम लसूडिय़ा परिहार स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण किया। राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केन्द्र में भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने केन्द्र में उपस्थित बच्चों से उनकी योग्यता का परीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के लिए बनाए गए भोजन को स्वयं खाकर देखा।
यहां मूंगदाल में तीखापन अधिक होने पर उन्होंने कहा कि इतना तीखा बच्चे खा लेते हैं। कार्यकर्ता इसके जवाब में कहा गांव के बच्चों को तीखापन पंसद है। राज्यपाल ने कहा कि ज्यादा तीखापन बच्चों के लिए लाभकारी नहीं है। उन्होंने दाल, सब्जी में मिर्च की मात्रा कम रखने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने आंगनबाड़ी केन्द्रों पर उपस्थित बच्चों और किशोरियों और महिलाओं से चर्चा भी की।
उन्होंने इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीमा गौर से टीएचआर (टेक होम राशन) छह माह से तीन साल के बच्चे और गर्भदात्री महिलाओं को दिए जाने वाले भोजन के बारे में भी जानकारी ली। इसके साथ आयरन देने के संंबंध में जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्र में भोजन सहित अन्य व्यवस्थाओं के साथ केन्द्र के स्टोर रूप रखी प्रत्येक सामग्री का सूक्ष्म परीक्षण कर व्यवस्थाएं व्यवस्थित करने कलेक्टर तरुण कुमार पिथौड़े को निर्देशित किया। इस अवसर पर एसपी राजेश कुमार चंदेल,महिला बाल विकास अधिकारी संजय प्रताप सिंह सरपंच कस्तूरी बाई भी मौजूद रहीं।
Published on:
22 Jun 2018 06:50 pm
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