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ट्रैक्टर पर बहनों के साथ ड्रायवर सीट पर बैठे मामा, बोले- खाओ कसम कोई पैसा तो नहीं लेता

स्व सहायता समूह को ट्रैक्टर सौंपने के दौरान जब सीएम शिवराज सिंह चौहान खुद ट्रैक्टर की ड्रायवर सीट पर बैठे थे, ये वहां उपस्थित स्व सहायता समूह की महिलाओं के लिए भी उत्साह का पल था, इस दौरान मामा शिवराज के साथ बहनें भी ट्रैक्टर पर जा बैठी, ये पल हर किसी ने अपने कैमरे और मोबाइल में कैद किया, मामा के साथ स्व सहायता समूह की महिलाएं काफी खुश नजर आ रही थी।
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सीहोर

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Subodh Kumar Tripathi

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Updated: 28 Oct 2022, 11:54 AM IST

ट्रैक्टर पर बहनों के साथ ड्रायवर सीट पर बैठे मामा, बोले- खाओ कसम कोई पैसा तो नहीं लेता

ट्रैक्टर पर बहनों के साथ ड्रायवर सीट पर बैठे मामा, बोले- खाओ कसम कोई पैसा तो नहीं लेता

सीहोर. स्व सहायता समूह को ट्रैक्टर सौंपने के दौरान जब सीएम शिवराज सिंह चौहान खुद ट्रैक्टर की ड्रायवर सीट पर बैठे थे, ये वहां उपस्थित स्व सहायता समूह की महिलाओं के लिए भी उत्साह का पल था, इस दौरान मामा शिवराज के साथ बहनें भी ट्रैक्टर पर जा बैठी, ये पल हर किसी ने अपने कैमरे और मोबाइल में कैद किया, मामा के साथ स्व सहायता समूह की महिलाएं काफी खुश नजर आ रही थी।

सीएम शिवराज सिंह चौहान गुरुवार को गृह ग्राम जैत में थे। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री जनसेवा अभियान के आवेदकों से बात करते हुए कहा कि खाओ मेरी कसम, कोई पैसा वैसा तो नहीं लेता है। दरअसल, सीएम आवेदकों से संवाद कर रहे थे। तभी एक आवेदक से नामांतरण बटवारे की जानकारी ली। बताया कि उसका काम हो गया है, तब सीएम ने कहा कि खाओ मेरी कसम, पैसा वैसा तो नहीं लगा। शिविरों का मकसद है कि सरकारी ऑफिस के नागरिकों को चक्कर नहीं लगाने पड़ें। किसी को भी कोई भेंट और एक पैसा भी नहीं देना पड़े।

मुख्यमंत्री ने बच्चों के आवेदन पर विशेष ध्यान देते हुए कलेक्टर को निर्देश दिए कि खेल मैदान विकसित करने के साथ ही नवंबर और दिसंबर में खेल प्रतियोगिताएं करवाई जाएं। नीतू साहू को अनुकंपा नियुक्ति के निर्देश संभाग आयुक्त को दिए। नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि क्षेत्र में सख्ती से इस कारोबार को रोकें। उन्होंने अपराध पर नियंत्रण के भी पुलिस को निर्देश दिए। सीएम स्वहायता समूह की दीदियों के कस्टम हायर सेंटर और सिलाई केंद्र सहित अन्य संचालित गतिविधियों से भी रू-ब-रू हुए। जनसेवा मंच से महिलाओं की सफलता की कहानी सुनी और सबको सुनवाई। समूह की दीदियों द्वारा बनाया गया जैकेट भी खरीदा। कस्टम हायरिंग, एकता सिलाई केंद्र की दीदी रानू तथा प्रियंका जाट ने समूह के माध्यम से 10 हजार रुपए महीने से ज्यादा आमदनी होने तथा परिवार की आर्थिक स्थिति स्थिति बेहतर होने के संबंध में अपने अनुभव सांझा किए।

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एक स्व सहायता समूह ने ट्रैक्टर खरीदा है। इसे गुरुवार को सीएम ने समूह को सौंपा। इस मौके पर वे ड्राइविंग सीट परभी बैठे।