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20,000 के बदले 60,000 चुकाए, फिर भी धमकी देकर मांग रहे और 2 लाख रुपए

एसडीएम, एसपी, कलेक्टर से भी शिकायत, फिर भी नहीं हुई सुनवाई

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20,000 के बदले 60,000 चुकाए, फिर भी धमकी देकर मांग रहे दो लाख

सीहोर. साहब! हम 20000 के बदले में 60000 रुपए दे चुके हैं, मुसीबत में रुपए लिए तो उसके बदले रकम नहीं होने से चेक दिया था। उधारी के रुपए को सूद सहित लौटा चुकी हूं। फिर भी चेक कोर्ट में लगाकर मनमाना रुपए वसूलने प्रताडि़त कर दबाव बनाया जा रहा है । जान से मारने की भी धमकी दी जा रही है। अब तो यह स्थिति बन गई है कि पति और दो बालिकाओं के साथ चारों मर जाएं, तभी इससे निजात मिलेगी। इस तरह की करुणाई दस्तां एक महिला ने रखी।

प्रताडऩा, समस्या का दंश झेल रहे लोगों को जब चारों तरफ से अनदेखा किया तो मानव अधिकार आयोग की पहुंचकर शरण में पहुंचे थे। इसके पहले जिले में मानव अधिकार आयोग की बैंच लगने की जिले में शनिवार से शुरूआत हुई। बैंच में मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नरेंद्र कुमार जैन व सदस्य मनोहर ममतानी थे। उनके साथ अन्य अधिकारी के अलावा स्थानीय अधिकारी भी उपस्थित थे। इसमें करीब ६१ आवेदन आए। किसी को मायूसी हाथ लगी तो कोई उम्मीद लेकर लौटा।

भोपाल जाने की किल्लत से मिलेगा छुटकारा

जिला-स्तरीय सुनवाई का उद्देश्य स्पष्ट करते हुए आयोग के अध्यक्ष जस्टिस नरेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि इससे एक ओर जहां पीडि़त पक्षकारों को सहजता और सरलता से न्याय प्राप्त होगा, वहीं उन्हें अब अपना काम-काज छोड़कर भोपाल जाने की किल्लत से भी छुटकारा मिलेगा। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर पक्षकार अपनी बात सहजता से कर पाएंगे। स्थानीय स्तर पर आयोग द्वारा की जा रही सुनवाई का लाभ नए आवेदकों को भी मिलेगा, जिसमें त्वरित न्याय की अवधारणा भी पूरी होगी।

केस-1 : दो लाख लेने कर रहे मारपीट

दूल्हा बादशाह निवासी रूपा बाई ने आयोग को बताया कि उसने उमाबाई नाम की महिला से 20 हजार रुपए उधार लिए थे। रकम नहीं होने से इसके बदले उसे हस्ताक्षर कर चेक दिया था। इन रुपयों के बदले 60 हजार रुपए दे चुकी हैं। बावजूद महिला ने कोर्ट में केश लगा दिया और 2 लाख 35 हजार रुपए मांग रही है। रुपए नहीं देने पर प्रताडि़त कर मारपीट कर रही है। एसपी, कलेक्टर को अवगत करा चुकी कराया, लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। पीडि़ता ने कहा कि कार्रवाई नहीं हुई तो वह परिवार के साथ मर जाएगी।

केस-2 : अस्पताल में डॉक्टर की मनमानी

चर्चित जिला अस्पताल में डॉक्टर की चल रही मनमानी का मामला मावन अधिकार आयोग के सामने उठा। सरपंच संघ ने आयोग को कहा कि अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों के जीवन से डॉक्टर खिलवाड़ कर रहे हैं। आरोप लगाकर कहा कि चार जुलाई को डॉ. अमिता श्रीवास्तव की लापरवाही से सेमली निवासी भावना पचौरी की मौत हो गई थी। इसमें कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे भय का माहौल बना है। कोई इलाज कराने जाता है तो उसे यह डर रहता है कि कही उसके साथ कुछ हो नहीं जाए। इस दौरान इंदर सिंह, नीरज, अशोक, बलवंत सिंह आदि उपस्थित थे।