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प्रशासन हुआ सख्त, दो दर्जन सर्विस सेंटर किए सील

प्रशासन के नोटिस देने के बाद भी चल रहे थे सर्विस सेंटर, निजी भवन मालिकों द्वारा भवन निर्माण कार्य बंद नहीं किए जाने पर दी हिदायत...
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सीहोर

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Veerendra Shilpi

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Updated: 22 May 2018, 9:36 AM IST

water crisis

horrific water crisis in MP

सीहोर. शहर में गहराया भीषण जलसंकट को देखते हुए प्रशासन ने सोमवार को सख्त रूप अख्तियार कर लिया। एसडीएम राजकुमार खत्री के निर्देशन में प्रशासनिक अमले ने कार्रवाई करते हुए शहर के लगभग दो दर्जन व्हीकल वाशिंग व सर्विस सेंटर को सील कर दिया है। इन तमाम सेंटरों से पाइप लाइन और मोटर भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा सभी सेंटर संचालकों से एक- एक लाख रुपए का बांड भी भराया गया है।

विकराल रूप धारण कर चुके जलसंकट से आमजन बुरी तरह त्रस्त हो गया है। लोग बूंद- बूंद पानी को तरस रहे हैं। दिनभर पानी के लिए भटकते लोग प्यास बुझाने के लिए रतजगा कर रहे हैं। तमाम नदी- नाले पूरी तरह सूख चुके हैं। नतीजन शहर बूंद- बूंद पानी के लिए तरस गया है।

नदी- तालाब में पानी नहीं होने के कारण नपा की नल-जल योजना पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। कई क्षेत्रों में एक सप्ताह के अंतराल से पानी मिल रहा है तो कई स्थानों पर नलों से पानी आए पखवाड़ा भी बीत जाता है। ऐसे में लोगों की प्यास का पूरा दारोमदार निजी टैंकरों पर आश्रित होकर रह गया है। पेयजल संकट को देखते हुए टैंकर चालकों ने मनमानी का खेल शुरू कर दिया है।

पांच सौ से 700 रुपए तक एक टैंकर पानी बेचा जा रहा है तो 15 लीटर की कुप्पी भरने की एवज में प्यासे लोगों को चार से पांच रुपए देना पड़ रहे हैं। लगातार गिरते भूजल स्तर को देखते हुए प्रशासन द्वारा पानी के अपव्यय परी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। सभी प्रकार के वाहनों को धोने वाले वाशिंग व सर्विस सेंटर भी बंद करने के आदेश धारा 133 तहत एसडीएम राजकुमार खत्री द्वारा दिए जा चुके हैं।

आदेश के बाद भी संचालित हो रहे थे वाशिंग सेंटर
एसडीएम के आदेशों की अवहेलना करते हुए वाशिंग सेंटर संचालित किए जा रहे थे। इसके चलते सोमवार को एसडीएम राजकुमार खत्री के निर्देशन में तहसीलदार सुधीर कुशवाह एवं सीएमओ सुधीर कुमार सिंह के निर्देशन में नपा व राजस्व का अमला शहर के विभिन्न सर्विस सेंटरों पर कार्रवाई शुरू की।

दल ने सर्विस सेंटरों के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पाइप और मोटर जब्त किए। इसके साथ ही उनसे एक-एक लाख रुपए के बांड भी भरवाए गए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से सर्विस सेंटर संचालकों में आक्रोश का माहौल निर्मित हो गया है।

एक सर्विस सेंंटर संचालक शंकर ठाकुर का कहना है कि उनसे कहीं अधिक पानी सड़क निर्माण करने और भवनों को बनाने में खर्च हो रहा है, लेकिन प्रशासन इस पर रोक नहीं लगाते हुए उनके रोजगार पर लात मार रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई के चलते उनके समक्ष अपने परिवार का भरण-पोषण करने की दिक्कत खड़ी हो गई है।

मकान निर्माण करने वाले भवन मालिक को भी दी चेतावनी
सर्विस सेंटर सील करने के दौरान लोगों द्वारा निजी मकान निर्माण करने वाले भवन मालिकों को भी अमले ने चेतावनी दी। दूल्हा बादशाह रोड पर निर्माण कर रहे एक भवन मालिक को निर्माण कार्यमें पानी का उपयोग करने के बारे में उसने स्वयं के ट्यूबवेल से पानी लेने की बात बताई तो उसे जल संकट के चले पहले काम बंद करने की समझाइश दी गई। जब भवन मालिक न नुकर करने लगा तो अमले ने भवन मालिक पर एक लाख जुर्माना लगाने का कहा गया।

दिए जा चुके थे नोटिस
सीएमओ सुधीर कुमार सिंह का कहना है कि पहले ही सभी सर्विस सेंटर संचालकों को नोटिस दिए जा चुके हैं कि जनहित में जलसंकट को देखते हुए वह पानी की बर्बादी न करें और 30 जून तक के लिए अपने सेंटर बंद कर दें, लेकिन उनके द्वारा अपने सेंटर बंद नहीं किए गए थे, जिसके बाद आज उनके सर्विस सेंटर सील करने के कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। इसके अलावा पांच भवन निर्माण मामले में भी कार्रवाई करते हुए एक- एक लाख रुपए का बांड उनसे भरवाया गया है।

कंपनियों के व्हीकल सर्विस सेंटर कराए बंद
एसडीएम राजकुमार खत्री ने बताया कि शहर के सैकड़ा, इंदौर नाका बस स्टैंड, गंगा आश्रम, दूल्हा बादशाह क्षेत्रके दो दर्जन से अधिक व्हीकल सर्विस सेंटरां को बंद करा दिया गया है। इनमें कंपनियों के व्हीकल सर्विस सेंटरों को भी बंद कराया गया हैशहर के मंडी और भोपाल नाका सहित अन्य शेष क्षेत्रों में मंगलवार को कार्रवाई की जाएगी।