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अफसरों की लापरवाही से अंकुरित होने लगा खरीदी केन्द्र पर रखा गेहूं

इटावा इटारसी खरीदी केन्द्र पर खुले आसमान के नीचे हो रही चने की खरीदी
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सीहोर

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Veerendra Shilpi

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Updated: 10 Jun 2020, 2:23 PM IST

अफसरों की लापरवाही से अंकुरित होने लगा खरीदी केन्द्र पर रखा गेहूं

अफसरों की लापरवाही से अंकुरित होने लगा खरीदी केन्द्र पर रखा गेहूं

सीहोर/नसरुल्लागंज. गेहूं का परिवहन नही होने की दशा में वह अब खरीदी केन्द्रों पर रखा गेहूं अंकुरित होने लगा है। जिसमें प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आ रही है। क्षेत्र के ग्राम तिलाडिय़ा स्थित ई-उपार्जन केन्द्र पर चार हजार में से तीन हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा हुआ है। परिवहन ठेकेदार द्वारा बारिश होने के बावजूद भी इसे नहीं उठाया है। जिसके चलते खरीदी केन्द्र पर ही गेहूं की कट्टियों से बिखर कर जमीन पर फैले गेहू में अंकुरण होना प्रारंभ हो गया है। यदि ऐसे ही हालात रहे तो यहां पर गेहूं पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।

ज्ञातव्य है कि तिलाडिय़ा स्थित ई-उपार्जन केन्द्र पर खुले में रखे चार हजार क्विंटल में से तीन हजार क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा हुआ था। इसके अतिरिक्त अन्य सभी उपार्जन केन्द्रों से गेहूं का परिवहन हो चुका है। परिवहन का ठेका लेने वाले ठेकेदार को लगातार इस बात की सूचना दी गई, लेकिन गेहूं पूरा नहीं उठाया गया। यहां तक की केवल एक हजार किवंटल गेहूं का परिवहन किया, शेष अभी भी खुले में पड़ा हुआ नजर आ रहा है। इस मामले में प्रशासन की लापरवाही एवं ठेकेदार द्वारा की जा रही मनमानी से सरकार को सीधा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

तिलाडिय़ा ई-उपार्जन केन्द्र पर खुले में पड़े गेहूं के अंकुरित होने का मामला सामने आने के बाद अब यह प्रश्न उठने लगा है कि आखिर इस लापरवाही का कारण क्या है। मौसम विभाग द्वारा लगातार चेतावनी दी गई और निसर्ग तूफान का असर सीहोर जिले में भी होने की बातें बताई गई। इसके बावजूद भी परिवहनकर्ता ठेकेदार ने मामले में संज्ञान नहीं लिया गया। इस संबंध में कांग्रेस के मीडिया प्रभारी द्वारका जाट एवं गोपाल शर्मा ने कहा कि इस पूरे मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होना चाहिए। आखिर खुले में पड़े गेहूं को लगातार बारिश की चेतावनी देने के बाद भी क्यों नहीं उठाया गया। कुल मिलाकर प्रशासन की लापरवाही और ठेकेदार की मनमानी यहां देखने को मिल रही है।

इधर खुले आसमान के नीचे हो रही चना खरीदी
क्षेत्र के इटावा इटारसी खरीदी केंद्र पर खेत में खुले आसमान के नीचे चना खरीदा जा रहा है। पिछले पांच दिनों से शाम के समय लगातार बारिश और बूंदाबांदी होती आ रही है इसके बावजूद जिम्मेदार आंखें मूंदकर खुले आसमान के नीचे ही चने की खरीदी कर रहे हैं। रविवार को तेज बारिश के बाद सोमवार को भी शाम के समय बूंदाबांदी हुई मंगलवार को दोपहर के समय इटावा इटारसी उपार्जन केन्द्र पर चने की खरीदी सतत जारी रही। लगातार बारिश का मौसम और शाम के समय रहे हो रही बूंदाबांदी के बावजूद खुले आसमान के नीचे चलने की खरीदी क्यों की जा रही है, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

अगर बारिश में यह चना खराब होता है तो इसमें जिम्मेदारी किसकी तय होगी। इसका कोई जवाब अधिकारी कर्मचारी के पास नहीं है। इस संबंध में खाद आपूर्ति अधिकारी प्रकाश यादव ने बताया कि उपार्जन केन्द्रों पर चना खरीदा जा रहा है। लगातार चने का परिवहन भी किया जा रहा है। कुछ उपार्जन केन्द्र खुले आसमान के नीचे बनाए गए हैं, यहां चने की खरीदी के साथ ही परिवहन भी किया जा रहा है। बारिश से बचाव के लिए त्रिपाल की व्यवस्था भी की गई है, जहां खुले आसमान के नीचे चने की खरीदी की जा रही है सबसे पहले वहां खरीदे गए चने का ही परिवहन किया जा रहा है।

वर्जन...
बारिश होने की दशा में उपार्जन केन्द्र पर खुले में पड़े हुए गेहूं को गीला होने से बचाने की व्यवस्था की गई और अधिकांश गेहूं को बचा लिया गया। कुछ गेहूं कट्टियों से गिरकर जमीन पर फैल गया। जिससे वह अंकुरित हो गया। ठेकेदार को बार-बार परिवहन करने के लिए बोला जा रहा है, लेकिन लापरवाही होने के कारण खुले में तीन हजार क्विंटल से अधिक गेहूं पड़ा हुआ है।
कृपाराम मालवीय, उपार्जन केन्द्र प्रभारी