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MP में पकड़ा गया घूसखोर बाबू, दफ्तर में 10,000 रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार

mp news: लोकायुक्त डीजीपी योगेश देशमुख के निर्देश पर लोकायुक्त डीआईजी मनोज सिंह के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई। ग्रेड 3 सहायक रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया।

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सिवनी

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Akash Dewani

May 13, 2026

Grade 3 assistant caught red handed aceepting bribe lokayukta action mp news

Grade 3 assistant caught red handed aceepting bribe (Patrika.com Photo)

Lokayukta Action: मध्य प्रदेश में लगातार भ्रष्ट अधिकारीयों और कर्मचारियों के खिलाफ लोकायुक्त की टीम तेजी से कार्रवाई कर रही है। आए दिन राज्य के विभिन्न जिलों एवं क्षेत्रों से रिश्वत (Bribe) लेते अधिकारी-कर्मचारीयों को रंगे हाथ पकड़े जाने के मामले सामने आ रहे है लेकिन बावजूद इसके घूसखोरी पर लगाम लगती दिख नहीं रही है। ताजा मामला मध्यप्रदेश के सिवनी जिले से सामने आया है जहां जबलपुर लोकायुक्त (Jabalpur Lokayukta) ने विकासखंड अधिकारी कार्यालय में पदस्त ग्रेड 3 सहायक रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। लोकायुक्त डीजीपी योगेश देशमुख के निर्देश पर लोकायुक्त डीआईजी मनोज सिंह के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई। कार्रवाई करने वाली टीम में टीएलओ निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक बृज मोहन नरवरिया और लोकायुक्त जबलपुर का दल शामिल था। (mp news)

जीवन निर्वाह भत्ता जारी करने के नाम पर मांगे रूपए

दरअसल, सिवनी जिले के धनोरा विकासखंड के सुनवारा क्षेत्र में स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल में चपरासी के पद पर पदस्त देवेंद्र कुमार सिरसाम ने जबलपुर लोकायुक्त को शिकायत की थी। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया कि सुनवारा के स्कूल के पहले वह शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीमगढ़ विकासखंड छपारा में पदस्त थे जहां से किसी कारण उन्हें 14 महीने के लिए निलंबित किया गया था। आवदेक ने बताया कि निलंबन के 14 महीने उसके 1.65 लाख रुपए के जीवन निर्वाह भत्ते का हकदार था। इसे निकालने के लिए वह धनोरा विकासखंड अधिकारी कार्यालय में पदस्त सहायक ग्रेड-3 अरुण कुमार कमरे से मिला। सहायक ने जीवन भत्ता राशि जारी करने की एवज में पहले 32000 रुपए की रिश्वत की मांग की। इसकी शिकायत देवेंद्र ने जबलपुर लोकायुक्त से की जिसके बाद वह 25000 हजार रुपए रिश्वत लेने के लिए मान गया।

कार्यालय में पकड़ा गया रिश्वतखोर

शिकायत मिलते ही जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप कार्रवाई करने की योजना बनाई। बुधवार को टीएलओ निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक बृज मोहन नरवरिया और लोकायुक्त जबलपुर का दल विकासखंड कार्यालय पहुंचा। यहां लोकायुक्त की टीम ने आरोपी सहायक ग्रेड 3 अरुण कुमार कमरे को आवेदक देवेंद्र कुमार से 10000 रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। लोकायुक्त ने आरोपीको गिरफ्तार किया और उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7,13(1)B, 13(2) के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।

जारी रहेगा अभियान

लोकायुक्त की जबलपुर इकाई ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी सूचना तुरंत लोकायुक्त कार्यालय को दें। (mp news)