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स्कूल में शौचालय तो बनवा दो साहब…

यह हालात 26 साल से संचालित शासकीय प्राथमिक शाला डूण्डासिवनी के हैं।

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Mahendra Bhagel

Sep 06, 2016

seoni

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पत्रिका नींव अभियान सिवनी.
आपको यह जानकर हैरानी और नाराजगी होगी, कि शहर का एक सरकारी स्कूल ऐसा भी है, जहां की छात्राएं, छात्र और शिक्षिकाओं को शौचालय (टॉयलेट) न होने से निस्तार के लिए खुले मैदान का उपयोग करना पड़ रहा है। यह हालात 26 साल से संचालित शासकीय प्राथमिक शाला डूण्डासिवनी के हैं।

केन्द्र, राज्य शासन, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों को स्वच्छ भारत मुहिम से जोड़कर सफाई, शौचालय और अन्य अनिवार्य सुविधाओं से पूर्ण करने का दावा कर रहे हैं। जबकि वर्षों से शौचालय विहीन शाला का मुद्दा उठा रही प्रधानपाठक, शिक्षिका, अभिभावकों की बात को किसी ने गंभीरता से सुना ही नहीं।

उठाते हैं शर्मिंदगी -




शहर में डूण्डासिवनी चौराहा के नजदीक रिहायशी इलाके और व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स के बीच स्थित इस शाला की प्रधानपाठक सोनिका जोसफ बताती हैं कि यहां पुराने समय के टॉयलेट खण्डहर हो गए हैं, ऐसे में बीते तीन साल से खुले में निस्तार के लिए छात्र-छात्राओं, सभी शिक्षिकाओं को जाना पड़ रहा है। इस स्थिति का सामना करते शर्मिंदगी भी उठानी पड़ रही है।

सुनकर अनसुना कर रहे अधिकारी -




प्रधानपाठक ने बताया कि उनके द्वारा बीते तीन साल से डीईओ, डीपीसी, बीआरसी, जनशिक्षा केन्द्र, संकुल प्रभारी को पत्र लिखकर इन हालात से वाकिफ करा रहे हैं, निरीक्षण में आने वाले अधिकारियों से टॉयलेट बनवाने सिफारिश करते रहे हैं। लेकिन अब तक किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई है। इस वर्ष अध्ययनरत 40 छात्र-छात्राओं सहित शिक्षिकाएं इस बदइंतजामी का सामना कर रहे हैं।

इनका कहना है-

शौचालय बनवाने सभी से आवेदन-निवेदन कर लिए, सुनवाई नहीं हुई। मजबूरन शर्मिंदगी उठाते बच्चे और स्टॉफ खुले में निस्तार के लिए जा रहे हैं। न जाने इस शाला की यह अनिवार्य आवश्यकता कब पूरी होगी।

सोनिका जोसफ, प्रधानपाठक, प्राथमिक शाला डूण्डासिवनी

इनका कहना है-

प्राथमिक शाला डूण्डासिवनी में शौचालय की कमी की जानकारी मिली है, इस सम्बंध में अधिकारियों को अवगत कराया है। समाधान के प्रयास किए जाएंगे।

पीएन वारेश्वा, संकुल केन्द्र प्रभारी

यह सही है कि डूण्डासिवनी प्राथमिक शाला में शौचालय की समस्या है। वहां बाहरी लोग तोड़-फोड़ करते हैं। फिर एक बार राशि मिलने पर निर्माण या मरम्मत कराई जाएगी।

सुनील पवार, बीआरसी सिवनी

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