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इस जगह दिखी मेघायल व पंजाब की संस्कृति की झलक

केन्द्रीय विद्यालय में वार्षिकोत्सव पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
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शहडोल

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Shiv Mangal Singh

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Updated: 24 Feb 2018, 9:35 AM IST

A glimpse of the meghalay and Punjab culture in this place

A glimpse of the meghalay and Punjab culture in this place

शहडोल। केंद्रीय विद्यालय शहडोल में विद्यालय के 22 वें वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। सरोधन सिंहएअपर कलेक्टर जिला शहडोल एवं मनोनीत अध्यक्ष विद्यालय प्रबंध समिति केन्द्रीय विद्यालय शहडोल इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य एवं लोक निर्माण विभाग के एस डी ओ बी डी माझी ने पुरस्कार वितरण किया। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी आर डे ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पाठ्य सहगामी क्रियाकलाप की विभिन्न स्पर्धाओं में सत्र 2016-17 में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्राथमिक वर्ग से रमन सदन को विजेता घोषित किया गया। शिवाजी सदन को द्वितीय एवं अशोक सदन को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। सर्वप्रथम विद्यालय के मुख्य द्वार के पास स्थित माँ सरस्वती की मूर्ति की पूजा अर्चना की गई व दीप प्रज्वलित किया गया। प्राचार्य डॉ बी आर डे ने बोर्ड परीक्षाओं खेलकूद की प्रतियोगिताओ, सामाजिक विज्ञान प्रदर्शनी तथा विज्ञान प्रदर्शनी में विद्यालय की विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यालय की भविष्य की कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उत्तरोत्तर प्रगति व बच्चों के सर्वांगीण विकास का संकल्प भी व्यक्त किया। विशिष्ट अतिथि बी डी माझी, प्राचार्य डॉ बी आर डे एवं विद्यालय के प्राथमिक विभाग के मुख्याध्यापक ने वर्ष भर की विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र वितरित किए। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत विविध वेशभूषा में विद्यार्थियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। एक ओर गारो नृत्य ने पूर्वोत्तर के मेघालय राज्य की झांकी प्रस्तुत की तो दूसरी ओर गिद्दा नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति ने पंजाब की लोक संस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया। बार्डर डांस ने सीमा पर तैनात सैनिकों के त्याग और समर्पण के जज््बे को प्रस्तुत किया तो बालिका सशक्तीकरण पर आधारित समूह नृत्य ने बेटियों पर गर्व करने की भावना का गहरा प्रभाव छोड़ा। प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले छात्रों को पुरस्कृत किया गया।