शहडोल. वनांचल शिक्षा सेवा न्यास द्वारा मार्गदर्शित दूरस्थ बनवासी अंचलों में संचालित जनजातीय संस्कार केन्द्रों के भैया / बहिनों का दो दिवसीय वार्षिक कार्यक्रम शहडोल जिले के गोहपारू स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सम्पन्न हुआ। शहडोल विभाग के समन्वयक राजेन्द्र मिश्रा ने जानकारी देते हुये बताया कि संकुल स्तर पर बौद्धिक व क्रीड़ा प्रतियोगिताओं के साथ वार्षिकोत्सव का आयोजन किया गया। इस समारोह में गोहपारू संकुल के 30 वनवासी संस्कार केन्द्रों से 210 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ विजय जैन प्रांत प्रमुख वनवासी शिक्षा, जितेन्द्र मिश्रा प्राचार्य सरस्वती शहडोल एवं राघवेन्द्र सोनी जिला संयोजक की उपस्थिति में संपन्न हुआ। उद्घाटन सत्र के बाद क्रीड़ा व बौद्धिक प्रतियोगिता सम्पन्न की गई। जिसमें ग्रामीण खेल जैसे गेड़ी दौड़, सुर्रा, बोरी दौड़, गणवेश दौड़, तथा बौद्धिक प्रतियोगिता में बौद्धिक प्रश्नमंच, मानस अन्त्याक्षरी, लोकगीत, भजन, वन्दना आदि विधाओं में उत्साह से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
वहीं दूसरे दिन वार्षिकोत्सव के साथ समापन कार्यक्रम श्रीमती प्रमिला सिंह विधायक जयसिंहनगर, नरेन्द्र मरावी अध्यक्ष अनु. जनजाति आयोग, रवि रजक जिला सचिव के आतिथ्य में सम्पन्न हुआ। रंगमंचीय कार्यक्रम में वनवासी छात्रों द्वारा छत्तीसगढ़ी नृत्य, प्रहसन, नाटक, नृत्य नाटिका व वनवासी लोक नृत्यों की अनेक मनमोहक प्रस्तुतिया दी गयी। जिसमें वनवासी क्षेत्रों की प्राचीन संस्कृतियों को जीवंत करने का प्रयास किया गया।