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होली के रंगों और पिचकारी पर लगा जीएसटी का रंग

शहर में सज गईं रंग-विरंगी दुकानें
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शहडोल

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Shiv Mangal Singh

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Updated: 27 Feb 2018, 6:03 AM IST

GST color on the colors and colors of Holi

शहडोल। होली नजदीक है, शहर में जगह-जगह रंग-विरंगी पिचारियों की दुकानें सज गईं हैं। लेकिन इस वर्ष बच्चों की पिचकारी और रंगों पर जीएसटी की मार पड़ी है। व्यापारी होली सामग्री पर 15 से 20 प्रतिशत मंहगाई बता रहे हैं। पिचकारी और प्लास्टिक आईटम पर 12 वहीं रंगों पर 18 प्रतिशत जीएसटी लग रहा है। हालाकि जीएसटी के पहले भी एक्साइज ड्यूटी और वैट व्यापारियों को चुकाना पड़ता था। वहीं जीएसटी अधिकारी भी इसे होली की सामग्री पर माइनर डिफरेंस बता रहे हैं। जीएसटी के पहले भी पिचकारी और अन्य प्लास्टिक के आइटम पर 5रुपए प्रोडक्शन एक्साइज ड्यूटी और बाजार में आने पर सामग्री पर 5 रुपए वैट लगाया जाता था। अब एक साथ जीएसटी लगने से व्यापारी जीएसटी को कोस रहे हैं।
अलग-अलग कीमत की सामग्री है मौजूद
शहर के गांधी चौक, बुढ़ार चौक, पुराना गांधी चौक सहित प्रमुख स्थानों पर रंग विरंगी पिचकारी की दुकानें खुल गई हैं। व्यापारियों द्वारा रंग, गुलाल, मुखौटे, स्प्रे पेंट सहित तरह-तरह के प्लास्टिक आइटम बेचे जा रहे हैं। अलग-अलग कीमतों की सामग्री बाजार में उपलब्ध है। दुकानदारों ने बताया कि इस बार 200 से 350 रुपए तक की म्यूजिक पिचकारी बाजार में आई हैं, जिनकों बच्चे खासा पसंद कर रहे हैं।

वस्तुएं कीमत
नॉर्मल गुलाल 30 रुपए प्रति पैकेट (50 ग्राम)
हरबल गुलाल 40 रुपए प्रति पैकेट (50 ग्राम)
सिल्वर पेस्ट 40 रुपए प्रति पैकेट
फैंशी बाल 50 से 250 रुपए
मुखौटे 5 से 80 रुपए
नॉर्मल कलर 80 रुपए (50ग्राम)
कलर हरबल 100 रुपए (50 ग्राम)
स्प्रे पैंट 50 रुपए (100 ग्राम)
पिचकारी 10 से 300 रुपए
म्यूजिक पिचकारी 250से 350 रुपए


---जीएसटी के पहले भी एक्साइज और वैट देना पड़ता था, अलग-अलग आइटम पर अलग-अलग चार्ज हैं। जिसमें प्लास्टिक और रंग शामिल हैं। अब जीएसटी में एक ही कर देने पड़ता है। जिससे व्यापारी इसे बोझ समझते हैं।
प्रकाश सिंह
सहायक आयुक्त जीएसटी

---अभी प्लास्टिक पर 12 और रंगों पर 18 प्रतिशत जीएसटी है। इसके पहले भी इन वस्तुओं पर 5 प्रतिशत एक्साइज और 5 प्रतिशत वैट लग रहा था। जिस कारण ज्यादा फर्क नहीं है।
बीएस धुर्वे
सहायक वाणिज्य कर अधिकारी।

---बड़े व्यापारियों से इस वर्ष ऊंची कीमत पर होली की सामग्री खरीदी है। इस वर्ष दामों में 15 से 20 प्रतिशत तक की तेजी आई है। इसका प्रमुख कारण पिचकारी और रंगों पर जीएसटी का लगना है।
मनोज गुप्ता
दुकानदार

---जीएसटी से दामों में कुछ इजाफा हुआ है, जिससे कीमतें थोड़ी बढ़ी हैं। लेकिन अभी बाजार मे खरीददारी शुरु होगी।
नीतेश मिश्रा
दुकानदार

---जबलपुर-कटनी से सामग्री लाते हैं। इस वर्ष 10 से 15 प्रतिशत मेंहगा सामान मिला है। दामों में अंतर है, बिक्री शुरु हो गई है।
ओमप्रकाश गुप्ता
दुकानदार