
शहडोल- राज्य शिक्षा केन्द्र ने दिसम्बर माह में कक्षा 1 से 8 तक के वार्षिक मूल्यांकन को लेकर दिशा निर्देश जारी किये थे। जिसके बाद एनसीएफ में अनुशंसा की गई है कि भयमुक्त वातावरण में बच्चों के सीखने-सिखाने की प्रक्रिया व मूल्यांकन किया जाए। साथ ही आरटीई 2009 के अनुसार सतत व्यापक मूल्यांकन सीसीई किये जाने का प्रावधान है। इसी के तहत सीखने-सिखाने की प्रक्रिया के साथ-साथ मूल्यांकन की
प्रक्रिया में संशोधन किया गया है। जिसके तहत वर्ष 2017-18 के लिये प्राथमिक शालाओं में कक्षा 1 व 2 के हिन्दी, अंग्रेजी व गणित विषय के वार्षिक मूल्यांकन की प्रक्रिया में परिवर्तन करते हुये राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा नये निर्देश जारी किये गये हैं।
एक शीट पर कराया जाए कार्य
कक्षा 1 व 2 का वार्षिक मूल्यांकन राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा विकसित अभ्यास पुस्तिका के आधार पर शिक्षण कराने वाले शिक्षक द्वारा मूल्यांकन किया जाए। इसके लिये एक दिवस में एक विषय की एक शीट पर कार्य कराया जाए। साथ ही नवीन प्रगति पत्रक लर्निंग आउटकम्स आधारित होगा।
3 से 8 तक की परीक्षा 28 फरवरी से
राज्य शिक्षा केन्द्र ने कक्षा 3 से 8 तक के वार्षिक मूल्यांकन की समय सारणी में संशोधन किया है। उक्त परीक्षाएं फरवरी माह में संपन्न होने वाली थी जिसकी तिथि आगे बढ़ा दी गई है। अब कक्षा 3 से 8 तक की परीक्षाएं 28 फरवरी से प्रारंभ होगी। यह परीक्षाएं 28 फरवरी से प्रारंभ होकर 22 मार्च तक चलेंगी। जिसमें कक्षा 3,4,6 व 7 की परीक्षाएं सुबह 11.30 से 2.30 तक संचालित होंगी। वहीं कक्षा 5 की सुबह 8 बजे से 10.30 तक व कक्षा 8 की परीक्षा सुबह 8 से 11 बजे तक संचालित होंगी।
संचालित की जाए अभ्यास कक्षा
राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं कि वार्षिक मूल्यांकन पूर्ण होने के तत्काल बाद समस्त शालाओं में कक्षा 1 व 2 में मूल्यांकन विश्लेषण में प्राप्त बिन्दुओं पर सुधारात्मक कक्षाएं / अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाएं। कक्षा 1 व 2 का वार्षिक मूल्यांकन 1 से 28 फरवरी की अवधि में कराए जाने की बात कही गई है। जिसके परिपालन में जिले के सभी विद्यालयों में अभ्यास पुस्तिकाएं मुहैया करा दी गई है।
Published on:
3 Feb 2018, 5:57 PM IST
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