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पटवारी की बेटी ने अधिकारियों पर लगाए आरोप, कहा- पुलिस साथ भेजते तो जिंदा रहते मेरे पिता

पटवारी हत्या कांड मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, और बढ़ेंगे आरोपी

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पटवारी की बेटी ने अधिकारियों पर लगाए आरोप, कहा- पुलिस साथ भेजते तो जिंदा रहते मेरे पिता

पटवारी की बेटी ने अधिकारियों पर लगाए आरोप, कहा- पुलिस साथ भेजते तो जिंदा रहते मेरे पिता

शहडोल. देवलोंद के गोपालपुर में खनन माफिया द्वारा ट्रैक्टर चढ़ाकर पटवारी की हत्या मामले में अब परिजन व बेटी ने दर्द बयां किया है। मृतक प्रसन्न सिंह की 14 वर्षीय बेटी दिया सिंह ने भी प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के आरोप लगाए हैं। बेटी का कहना है कि पटवारी का काम अलग होता है। उत्खनन रोकने के लिए पुलिस व अन्य फोर्स सहित संबंधित विभाग होने के बावजूद पटवारी को क्यों भेजा गया? रात की ड्यूटी क्यों लगाई गई थी, बेटी ने कहा अगर पुलिस साथ होती तो यह घटना घटित नहीं होती। मृतक की दो बेटी व दो बेटे हैं। बड़ी बेटी 14 वर्ष की दिया सिंह, दूसरी बेटी समृद्धि ङ्क्षसह लगभग 10 वर्ष की है। बेटे प्रतीक व प्रत्यक्ष जुड़वा हंै जो 5 वर्ष के हैं। इधर, वाहन चालक शुभम विश्वकर्मा को पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है जबकि रेत उत्खन्न व भंडारण करने वाले ठेकेदार नारायण सिंह को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। सोमवार को पुलिस अधीक्षक कुमार प्रतीक व एएसपी अंजुलता पटले ने एसडीओपी व थाना प्रभारी के साथ घटना स्थल का मुआयना किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पटवारी की हत्या के मामले में जैसे-जैसे सुराग मिलते जा रहे हैं, आरोपियों की गिरफ्तारी कर रहे हैं। रेत का भंडारण करने वाले ठेकेदार नारायण सिंह से पुलिस पूछताछ कर रही है। इसमें और भी लोगों की संलिप्तता बताई जा रही हैं, जिनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी।
रविवार को मां का करवाने वाले थे इलाज, बेटे ने मंगाई थी चॉकलेट
जिस रात यह घटना हुई उस रात उनकी बात पत्नी गुंजा सिंह से हुई थी। घर में मां की तबियत खराब थी। पत्नी ने इसकी जानकारी दी तो उन्होंने रविवार को रीवा आकर मां का इलाज करवाने की बात कही थी और उसके बाद वापस ड्यूटी में लौटने वाले थे। उनके पांच वर्षीय बच्चे ने भी पिता से बात की थी जिसने पापा से चॉकलेट मंगवाई थी।
एनएसए लगाने के साथ घर पर चले बुलडोजर
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला महामंत्री कैलाश तिवारी ने अवैध खनन को लेकर कई सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा लगातार रेत माफिया को दी गई छूट का नतीजा है कि जब कभी भी उनके खिलाफ कोई अभियान चलाया जाता है तो वह सरकारी कर्मचारी की जान लेने में भी पीछे नहीं रहते हैं। पटवारी की हत्या करने वाले पर एनएसए लगाने के साथ बुलडोजर घर पर चलाया जाए। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष व भाजपा नेता प्रकाश जगवानी ने भी निंदा करते हुए कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
दोबारा किसी के साथ न हो ऐसी घटना
प्रसन्न की 16 वर्षीय पुत्री दिया सिंह की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। बिलखते हुए बेटी ने कहा, मेरे पिता अपनी ड्यूटी कर रहे थे और रेत माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, जो भी इस तरह की गतिविधियों में लिप्त हैं उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में वे दुबारा किसी के साथ ऐसा करने का दुस्साहस न कर सकें।
रोकथाम के लिए निकाला फ्लैग मार्च
घटना के दूसरे दिन पुलिस अधिकारी घटना स्थल पहुुंचे और पुलिस टीम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। सोमवार की शाम को गोपालपुर में 100 से अधिक पुलिस बल के साथ रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन की रोकथाम के लिए फ्लैग मार्च निकाला गया।
इनका कहना
रेत उत्खनन व परिवहन की रोकथाम के लिए शहडोल के साथ सीधी जिले के अधिकारी भी कार्रवाई कर रहे हैं। अब तक क्या कार्रवाई हुई है जानकारी लेकर बताती हूं।
वंदना वैद्य, कलेक्टर
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राजस्व अधिकारियों ने बिना सूचना दिए पटवारियों को भेज दिया था। पहले से जानकारी होती तो पुलिस बल साथ में भेजा जाता, रेत उत्खनन की रोकथाम के लिए कार्रवाई कर रहे हैं।
कुमार प्रतीक, पुलिस अधीक्षक
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रविवार को ब्यौहारी से एसडीएम व तहसीलदार मृतक के गांव रीवा पहुंचे थे। उन्होंने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए आधार कार्ड व जरूरी दस्तावेज लिए हैं।
राजेन्द्र सिंह, मृतक के परिजन