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रेलवे ट्रैक पर गिरी भारी भरकम चट्टान, ऐसे बची लोगों की जान

बड़ा हादसा टला, ट्रैक पर आ रही थी गोंदिया एक्सप्रेस, 4 घंटे बाद रेल यातायात हुआ बहाल, तीन ट्रेनें करनी पड़ीं रद, कई ट्रेनें हुई लेट
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शहडोल

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Shiv Mangal Singh

•

Updated: 9 Jul 2018, 9:17 PM IST

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रेलवे ट्रैक पर गिरी भारी भरकम चट्टान, ऐसे बची लोगों की जान

अनूपपुर। बिलासपुर-कटनी मार्ग पर खोडरी-खोंग्सरा गांव के पास सोमवार की तड़के सुबह पहाड़ी चट्टान रेलवे ट्रैक पर आ गिरी। सुबह जिस समय ये हादसा हुआ उस समय अंधेरा था और एक के बाद एक लगातार ट्रेनों के आने का समय हो रहा था। ट्रैक पर चट्टान का पूरा मलबा पसरा हुआ था। चट्टान खिसकने के लिए एक बड़ा हादसा टल गया। रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता से लंबी दूरी की ट्रेनें दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गईं।
जिस समय ट्रैक की पटरी पर चट्टान गिरी उसी समय इसी ट्रैक पर गोंदिया-बरौनी ट्रेन भी आ रही थी। गनीमत रही कि समय पर सूचना मिल गई और ट्रेन को रोक दिया गया। हादसे के बाद तीन यात्री ट्रेनों का रद्द करना पड़ा और एक दर्जन ट्रेनों को देरी हुई। घटना के बाद यात्री ट्रेनों का इंतजार करते रहे। घंटों तक मरम्मत कार्य चला और 4 घंटे बाद लाइन पर यातायात बहाल किया गया। सुबह करीब 4.52 बजे खोड्री-खोंग्सरा के मध्य अप लाइन पर पटरी से सटी खड़ी पहाड़़ी की एक विशालकाय चट्टान रेलवे ट्रेक पर भरभरा कर गिर गई। तीन लोकल पैसेंजर ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। जबकि लंबी दूरी की अधिकांश गाडिय़ां देरी से चलीं। गनीमत रही कि अपने निर्धारित समय से डेेढ़ घंटा विलंब से आ रही गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस ट्रेन दुर्घटना का शिकार होने से बच गई, जिससे सभी यात्री सकुशल हैं। घटना के दौरान गोंदिया-बरौनी एक्सपे्रस भनवारटंक रेलवे स्टेशन पहुंची थी। सूचना पर बिलासपुर की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। मशीनों के माध्यम से पत्थर को हटाना गया। सुबह ९:३० बजे रेल यातायात बहाल हुआ। बताया गया कि घटना वाला स्थल ज्वाइंट लाइन ट्रेक है, जहां पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण अप-डाउन की लिंकों को जोड़ा गया है।


स्टेशन पर इंतजार करते रहे यात्री
सुबह के समय रेल खंड के प्रभावित होने से नौकरी पेशे से जुड़े रोजाना अप-डाउनर शासकीय सेवकों, रेल यात्रियों व व्यापारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जबकि ट्रेनों के रद्द होने या विलंबता से आने के कारण दोनों दिशाओं के रेलवे स्टेशनों पर सैकड़ों की तादाद में यात्री इंतजार करते देखे गए।


तीन सवारी गाडिय़ा रहीं रद्द
ट्रेन नंबर 68740 एवं 68739 बिलासपुर पेंड्रारोड तथा पेंड्रारोड बिलासपुर मेमू को रद्द किया गया। जबकि 68747 बिलासपुर-कटनी लोकल को उस्लापुर में समाप्त करते हुए सोमवार को आगे की यात्रा के लिए रद्द कर दिया गया। 68749/68750 शहडोल-अंबिकापुर तथा अंबिकापुर-शहडोल भी रद्द रही। 9659 शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस को बिलासपुर से अनूपपुर तक पेसेंजर के रूप में चलाया गया।


यह ट्रेनें हुईं प्रभावित
बरौनी जाने वाली गोंदिया-बरौनी ट्रेन अपने निर्धारित समय से डेढ़ घंटा विलंब से चल रही थी, हादसे के बाद दो घंटे और देरी से चली। गोंदिया-बरौनी एक्सप्रेस सुबह 9.15 बजे अनूपपुर रेलवे स्टेशन पहुंची। 10.30 बजे अनूपपुर आने वाली शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस तीन घंटा देरी से1.30 बजे पहुंची। उत्कल हरिद्वार-पुरी एक्सप्रेस, नौंतनवा एक्सप्रेस, संपर्क क्रंाति एक्सप्रेस, सहित रीवा-बिलासपुर ट्रेनों को भी आगे की यात्रा में देरी हुई।

ट्रेक पर चट्टान गिरने से लगभग चार घंटे तक रेल यातायात प्रभावित रहा। इसमें गोंदिया-बरौनी भनवारटंक पर खड़ी थी। अनूपपुर तक आने वाली दो सवारी गाडिय़ां रद्द रहीं, जबकि अन्य लंबी दूरी की ट्रेनें देरी से रवाना हुई। हादसे में किसी प्रकार की कोई हताहत की सूचना नहीं है।
अंबिकेश साहू,
जनसम्पर्क अधिकारी रेलमंडल बिलासपुर।