
व्यापारियों ने किया बाजार बंद, इस अधिकारी को हटाने की मांग पर अड़े, जानिए क्या है पूरा मामला ?
व्यापारियों ने किया बाजार बंद, एसडीएम को हटाने की मांग पर अड़े
शहडोल- खबर ब्यौहारी से है, जहां व्यापारियों ने बाजार ही बंद कर दिया है, और एसडीएम जीसी डहेरिया को हटाने की मांग पर डटे हुए हैं। बता दें कि पांच मई को अतिक्रमण हटाने के दौरान व्यापारियों से एसडीएम ने सामूहिक गाली गलौच की थी, जिसके बाद से ही हड़कंप मच गया।
व्यापारियों ने पहले ही एसडीएम को हटाने की मांग को लेकर एक सप्ताह का समय दिया था, लेकिन व्यापारियों के चेतावनी के बाद भी प्रशासन ने ध्यान नहीं दिया, जिसके चलते व्यापारियों ने अब बाजार बंद कर विरोध प्रदर्शन किया है, और एसडीएम को हटाने की मांग पर डटे हुए हैं।
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धरने पर बैठे किसान मित्र एवं दीदी
शहडोल- तीन सूत्रीय मांगो को लेकर लगभग दो सप्ताह से हड़ताल पर गए किसान मित्र व किसान दीदी सोमवार से जयस्तंभ चौक में अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए हैं। किसान मित्र व किसान दीदी के हड़ताल पर जाने से विभागीय कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। उल्लेखनीय है कि किसान मित्र एवं किसान दीदी संघ द्वारा पूर्व में जिला प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर अपनी तीन सूत्रीय मांगे रखी थी। संघ की मांगो पर अभी तक अमल नहीं किया गया जिससे क्षुब्ध होकर संघ के बैनर तले जिले के सभी किसान मित्र अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ गए हैं। किसान मित्र एवं किसान दीदी संघ की मांग है कि उन्हे नियमितीकरण का लाभ दिया जाए, कुशल श्रमिक के बराबर वेतन कम से कम कलेक्टर दर पर दिया जाए व शासन द्वारा प्रस्ताव व ठहराव की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए।
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अंडर ब्रिज में भरा पानी, बढ़ी मुश्किल
शहडोल- कोइलारी रेलवे अंडर ब्रिज के नीचे प्री- मानसून की हल्की बारिश में ही घुटने तक पानी भरा हुआ है। जिससे आबागमन प्रभावित हो रहा है। यह अंडर ब्रिज 50 से अधिक गावों को संभागीय मुख्यालय से जोड़ता है। इसके बाद भी रेलवे प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। इतना ही नहीं संभागीय मुख्यालय से लगा यह मार्ग कल्याणपुर में संचालित शासकीय कार्यालयों के कर्मचारियों, स्कूली बच्चों का भी इसी मार्ग से आना-जाना होता है।
चौबीस घंटे चलने वाले इस ब्रिज के पास रात को अंधेरा भी रहता है। जिससे पानी के बीच चलना मुश्ििकल हो रहा है। इस अंडर ब्रिज का रास्ता दो वर्ष से चल रहा है। लेकिन इस ब्रिज तक पहुंचने के लिए रेलवे अब तक पक््की सड़क तक नहीं बन सकी है। जिससे बरसात में स्कूली बच्चों को कीचड़ भरे कच्चें रास्ते को पार कर स्कूल जाना पड़ रहा है।
Published on:
12 Jun 2018, 4:14 PM IST
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