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राज बब्बर के बाद इस नेता को मिल सकती है यूपी कांग्रेस की कमान, राजघराने से है ताल्लुक

राज बब्बर के इस्तीफे के बाद यूपी कांग्रेश अध्यक्ष पद के लिए युवा ब्राह्मण नेता का नाम तेजी से चल रहा है।

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jitin Prasad

शाहजहांपुर। एक तरफ जहां राज बब्बर ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है वहीं इस पद के लिए जितन प्रसाद के नाम की चर्चा तेजे हो गई है। लखनऊ से दिल्ली तक राजनीति में बड़ी दखल रखने वाले प्रसाद भवन के कुंवर जितिन प्रसाद को कांग्रेस में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चाएं तेज हैं। जितिन प्रसाद जहां एक तरफ गांधी परिवार के भरोसेमंद हैं वहीं उनकी पारिवारिक प्रष्ठभूमि भी कांग्रेस से जुड़ी रही है।


मां ने सिखाया राजनीति का ककहरा

बता दें कि कुंवर जितिन प्रसाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्व कुंवर जितेंद्र प्रसाद के इकलौते बेटे हैं। कुंवर जितिन प्रसाद के पिता वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुंवर जितेन्द्र प्रसाद ने सक्रिय राजनीति में रहते हुए सोनिया गांधी के ही लगातार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का विरोध किया था क्योंकि जितेंद्र प्रसाद सोनिया गांधी से बतौर कांग्रेस कार्यकर्ता बहुत वरिष्ठ थे। नवंबर 2000 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़े लेकिन हार गए। वहीं करीब 17 साल पहले 2001 में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कुंवर जितेंद्र प्रसाद की मृत्यु के बाद जब शाहजहांपुर में प्रसाद भवन पर राजनीति खिसकने का संकट गहराया तो पत्नी कान्ता प्रसाद ने प्रसाद भवन की देहरी लांघी। वह खुद राजनीति में आईं इस दौरान उन्होंने बेटे कुंवर जितिन प्रसाद को राजनीति का ककहरा सिखाया। जितिन पर पिता की विरासत संभालने जिम्मेदारी आई। अपनी मां से राजनीति का ककहरा सीखने के बाद कुंवर जितिन प्रसाद ने मजबूती से पैर जमाए और कांग्रेस में बड़े नेता के तौर पर पहचान बनाई।

यूपीए 1 और यूपीए 2 में रही धमक

कुंवर जितिन प्रसाद ने पिता की मौत के बाद साल 2004 में पहली बार शाहजहांपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ा। यूपीए फर्स्ट में केंद्रीय इस्पात (स्टील) राज्य मंत्री का दायित्व मिला। वहीं 2009 में शाहजहांपुर सुरक्षित हो जाने पर जितिन प्रसाद ने लखीमपुर खीरी जिले की धौरहरा लोकसभा से किस्मत आजमाई और जीत हासिल कर यूपीए 2 में केंद्रीय भारत प्रेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री, भूतल-सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन के दौरान कुंवर जितिन प्रसाद को यूपी का डिप्टी सीएम बनाये जाने की चर्चाएं भी रहीं थीं, हालांकि इस बार न ही जितिन चुनाव जीत सके नहीं सपा- कांग्रेस का गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में आ पाया।


ब्राह्मण चेहरे पर लगाया जाएगा दांव

राहुल गांधी की कांग्रेस अध्यक्ष पद पर ताजपोशी के बाद एक बार फिर कांग्रेस का मेक ओवर होने लगा है। कहा जा रहा है कि इसी के चलते राज बब्बर ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है। इसके बाद से ही उत्तर प्रदेश में नए अध्यक्ष की तलाश की जा रही है। कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि 2019 की तैयारियों के लिए हमें तुरंत नए अध्यक्ष की ताजपोशी करनी होगी। इसके लिए अभी तक आलाकमान के सामने तीन ब्राह्मण चेहरे सामने आए हैं। जिनमें शाहजहांपुर के पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद, मीरजापुर के विधायक ललितेश पति त्रिपाठी और वाराणसी के पूर्व सांसद राजेश मिश्रा प्रमुख हैं। खास बात ये है कि जितिन प्रसाद और ललितेश युवा हैं राहुल की पसंद हो सकते हैं। वहीं 67 साल के राजेश मिश्रा के अध्यक्ष बनने में उनकी उम्र आड़े आ सकती है। गांधी परिवार का करीबी होने के नाते जितिन प्रसाद का पलड़ा भारी बताया जा रहा है। जितिन की राहुल से नजदीकियां किसी से छिपी नहीं है। अगर अंतिम समय में कोई बदलाव नहीं हुआ तो एक युवा ब्राह्मण चेहरे के तौर पर जितिन प्रसाद नए कांग्रेश के नए प्रदेश अध्यक्ष हो सकते हैं।

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