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घोटालों की सीबीआई जांच और मानदेय बढ़ाने की मांग के साथ आंगनबाड़ी वर्कर्स हड़ताल पर

आंगनबाड़ी वर्कर्स ने धमकी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वो सरकारी योजनाओं को ठप कर देंगी जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी।
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शाहजहांपुर

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Amit Sharma

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Updated: 24 Oct 2017, 9:22 AM IST

Protest

शाहजहांपुर। शिक्षामित्रों के बाद अब आंगनबाड़ी वर्कर्स सरकार के लिए बड़ी मुशीबत बनने को तैयार हैं। सरकारी कार्य का बहिष्कार करते हुए सूबे की आंगनबाड़ी वर्कर्स अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चली गई हैं। मानदेय बढ़ाने सहित अपनी तमाम मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर्स अनिश्चित कालीन हड़ताल पर हैं। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने धमकी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वो सरकारी योजनाओं को ठप कर देंगी जिसकी जिम्मेदार सरकार होगी। आपको बता दें कि आंगनबाड़ी वर्कर्स ने मानदेय 15000 रूपए करने सहित कई मांगें सरकार के सामने रखी थीं और धमकी दी थी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वो अनिश्चित कालीन धरने पर बैठ जायेंगी।


मांगें पूरी न होने से आंगनबाड़ी वर्कर्स ने यहां के खिरनी बाग रामलीला मैदान में अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स ने जमकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और हंगामा काटा। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने धमकी दी है कि अगर जल्द ही सरकार उनके आगे नहीं झुकी तो वो तमाम सरकारी योजनाओं को ठप कर देंगे।


आपको बता दें कि शाहजहांपुर में आंगनबाड़ी वर्कर्स ने अपने प्रदेश संगठन के आह्वान पर पहले से निर्धारित 22 अक्टूबर से पूरे देश में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है। जिसमें आंगनबाड़ी वर्कर्स के प्रदेश नेतृत्व का आरोप है कि भारतीय जनता पार्टी ने घोषणापत्र में सरकार बनने के 120 दिन के अंदर आंगनबाड़ी वर्कर्स और सहायिकाओं को सम्मानजनक अच्छा मानदेय दिए जाने और शबरी संकल्प योजना का क्रियान्वयन करने का वादा किया गया था। इसके अलावा विभाग में जो घोटाले हुए हैं उनकी सीबीआई जांच की सिफारिश की गई थी लेकिन 45 हजार करोड़ के पंजीरी घोटाले की कोई जांच नहीं कराई गई। आंगनबाड़ी वर्कर्स का यह भी आरोप है कि सरकार ने अपने श्वेत पत्र में स्वीकार किया है कि एक विशेष बिजनेस समूह को लाभ दिलाने के लिए बच्चों के निवाले का व्यापार किया गया। आंगनबाड़ी केंद्र बदहाल है न तो वजन मशीन है और न ही पोषण कार्यक्रम के लिए कोई बजट की व्यवस्था।

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