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कुंडली के ग्रह दोष निवारण के अचूक उपाय अपनाकर बिगड़े रिश्तों को बनाएं खुशनुमा

ग्रहों की अशुभ स्थिति के कारण भी रिश्ते बिगड़ जाते हैं। ज्योतिष में कुंडली के अशुभ ग्रहों के दोष दूर करने के सरल तरीके सुझाए गए हैं।

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शाहजहांपुर। हम कहीं न कहीं ग्रहों के प्रभाव में रहते हैं। हमारी कुंडली में ग्रह अच्छे और बुरे प्रभाव में होते हैं। कुंडली में ग्रहों की अशुभ स्थिति का प्रभाव काफी हद तक दूर किया जा सकता है। ग्रहों की अशुभ स्थिति के कारण भी रिश्ते बिगड़ जाते हैं। ज्योतिष में kundali के अशुभ ग्रहों के दोष दूर करने के सरल तरीके सुझाए गए हैं। इन उपायों को अपनाकर रिश्तों को खुशनुमा बनाया जा सकता है।

अगर आपका सूर्य अशुभ है तो पिता की सेवा करें।

अगर आपका चंद्र अशुभ है तो मां का आशीर्वाद लें।

अगर पिछले जन्म का मां का कर्ज है तो इस जन्म में मंगल अशुभ होगा। मां को मीठा खिलाएं।

अगर आपका बुध अशुभ है तो बहन व बुआ का आशीर्वाद लें। उन्हें प्रसन्न रखें।

गुरु अशुभ है तो समझिए कि पिछले जन्म का मंदिर का ऋण है। अत: मंदिर में सेवा करें। दादा या किसी बजुर्ग की सेवा करें।

अगर कुंडली में शुक्र अशुभ है तो समझिए पिछले जन्म का पत्नी का ऋण है। अपनी पत्नी से कभी तेज आवाज में बात न करें। पत्नी का अपमान न करें। उसे गुलाबी वस्तु उपहार में दें।

अगर कुंडली में शनि-राहु अशुभ हैं तो है अपने अधीनस्थ लोगों को हमेशा खुश रखें। नौकरों पर गुस्सा न करें।

अगर केतु कुंडली में अशुभ है तो पिछले जन्म का पुत्र दोष है। अत: इस जन्म में पुत्र से वैर न रखें। उसे मनचाही वस्तु उपहार में देकर इस ऋण का निवारण करें।

प्रस्तुतिः आचार्य अनुपम, ज्योतिष, वास्तु एवं रत्न सलाहकार

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