
बीजेपी विधायक का किसान को हड़काते वीडियो वायरल, PC- X
शाहजहांपुर : उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक किसान की परेशानी पर BJP विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। पुवायां मंडी के निरीक्षण के दौरान विधायक चेतराम पासी ने एक किसान को 'कौन हो तुम?' कहकर हड़काया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। किसान ने 50 बार समस्या बताने का दावा किया, लेकिन विधायक ने उसके कागजातों की जांच एसडीएम से कराई और फिर निकल गए। विपक्षी दलों ने इसे किसान-विरोधी रवैया बताते हुए निशाना साधा है, जबकि विधायक ने इसे 'माफिया का षड्यंत्र' करार दिया।
शनिवार (25 अक्टूबर) दोपहर पुवायां मंडी में विधायक चेतराम पासी निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। उनके साथ डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडे और एसडीएम चित्रा निर्वाल भी मौजूद थीं। मंडी का दौरा कर बाहर निकलते समय एक किसान ने विधायक का ध्यान आकर्षित किया। किसान, जो फतेहपुर का रहने वाला बताया जा रहा है, ने कागजात लहराते हुए कहा, 'विधायक जी, 50 बार कह चुके हैं, लेकिन मेरी समस्या का समाधान नहीं हो रहा।' किसान ने छुट्टा पशुओं की समस्या का जिक्र किया, जो फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
इस पर विधायक भड़क गए। उन्होंने किसान से पूछा, 'कौन हो तुम?' किसान ने जवाब दिया, 'हम किसान हैं साहब!' विधायक ने तुरंत कहा, 'अपनी आईडी और कागज लाओ।' किसान ने कागजात एसडीएम को सौंप दिए। विधायक ने एसडीएम से निर्देश दिया, 'चेक कराओ, यह किसान है कि नहीं।' इसके बाद किसान ने दोबारा छुट्टा पशुओं को पकड़वाने की गुहार लगाई, लेकिन विधायक बचते हुए वहां से चले गए। पूरा वाकया किसी ने मोबाइल पर रिकॉर्ड कर लिया, जो अब X और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर लाखों व्यूज बटोर रहा है।
वीडियो में साफ दिख रहा है कि विधायक सफेद कुर्ता-पायजामा में हैं, जबकि किसान साधारण पोशाक में कागज पकड़े खड़ा है। आसपास सुरक्षाकर्मी और अन्य अधिकारी मौजूद हैं, लेकिन कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ।
घटना के बाद विधायक चेतराम पासी ने सफाई दी। उन्होंने बताया, 'पुवायां मंडी में माफिया का बोलबाला होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसलिए निरीक्षण के लिए गया था। एसडीएम और डिप्टी आरएमओ भी साथ थे। मेरे जाने के आधे घंटे बाद ही माफिया की ट्रॉलियां भाग गईं। यह किसान असल में माफिया द्वारा भेजा गया था, एक षड्यंत्र है। बाकी किसानों को तो मैं अच्छी तरह जानता हूं। यह केवल मुद्दा बनाने की कोशिश है।' विधायक ने जोर देकर कहा कि वे किसानों के हितों के लिए हमेशा खड़े रहते हैं।
समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों ने इसे BJP की किसान-विरोधी छवि का सबूत बताया। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट किया, "किसान की आवाज दबाने वाले ही देश के अन्नदाता कहलाते हैं? योगी सरकार में किसानों का अपमान आम हो गया है।" किसान संगठनों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
जिला प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, एसडीएम चित्रा निर्वाल ने किसान के कागजातों की जांच शुरू कर दी है। अगर समस्या सही पाई गई, तो छुट्टा पशु अभियान तेज करने का आश्वासन दिया जा सकता है।
Updated on:
26 Oct 2025 07:58 pm
Published on:
26 Oct 2025 07:34 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
