
अंकित मर्डर में गैंगवार कनेक्शन
Gogi-Tillu Gang War: हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की शामली में हत्या सिर्फ एक सनसनीखेज वारदात बनकर नहीं रह गई है। इस केस की जांच ने दिल्ली पुलिस का ध्यान एक बार फिर गोगी गैंग के नेटवर्क की ओर खींच दिया है। शुरुआती जांच में गैंग से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां यह समझने में जुटी हैं कि जेल में बंद बड़े नामों के बावजूद यह नेटवर्क आखिर किस तरह दोबारा सक्रिय हो रहा है।
गोगी गैंग के सरगना जितेंद्र मान उर्फ गोगी की सितंबर 2021 में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद गैंग को लगातार पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। कई बड़े नाम जेल में हैं, जबकि गैंग से जुड़े कई अपराधियों पर कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद अंकित बालियान हत्याकांड ने जांचकर्ताओं के सामने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है, क्या गोगी गैंग खत्म नहीं हुआ, बल्कि उसका ऑपरेटिंग सिस्टम बदल गया है?
दिल्ली पुलिस के इनपुट के मुताबिक, गैंग के कुछ बड़े चेहरे जेल में हैं, लेकिन निचले स्तर के सदस्य और बाहर मौजूद लोग नेटवर्क को आगे बढ़ाने में भूमिका निभा सकते हैं। जांच में विदेशी ठिकानों से संभावित ऑपरेशन और जेल के अंदर से नेटवर्क चलाए जाने की आशंकाओं पर भी नजर है।
26 अगस्त को शामली में जिम से बाहर निकलने के बाद अंकित बालियान पर हमला हुआ। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने पहले उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और फिर वारदात को अंजाम दिया। यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण ने इसे पूर्व नियोजित साजिश बताते हुए कहा था कि हमलावरों की गतिविधियां, हथियारों की व्यवस्था और हत्या के बाद भागने की योजना पहले से तैयार थी।
जांच में गोगी गैंग से जुड़े नेटवर्क का नाम सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया। दो संदिग्ध शूटर मोहित और सुमित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी रही। पुलिस अब सिर्फ गोली चलाने वालों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिन्होंने कथित तौर पर हथियार, जानकारी और सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराए।
अंकित बालियान का एक पुराना गाना ‘भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’ भी जांच का अहम हिस्सा बन गया है। इस गाने के वीडियो में कोर्ट के अंदर गोलीबारी और वकीलों के भेष में हमलावरों जैसे दृश्य दिखाए गए थे। गौर करने वाली बात यह है कि 2021 में गोगी की हत्या भी रोहिणी कोर्ट के अंदर हुई थी और हमलावर वकीलों के भेष में पहुंचे थे। जांचकर्ताओं को आशंका है कि गोगी गैंग से जुड़े लोगों ने इस गाने को अपने सरगना की हत्या से जोड़कर देखा। हालांकि, गाने और हत्या के बीच संबंध को लेकर जांच के सभी पहलू अभी पूरी तरह स्थापित नहीं हुए हैं।
गोगी और सुनील मान उर्फ टिल्लू ताजपुरिया कभी करीबी दोस्त थे। दोनों के बीच विवाद कॉलेज की राजनीति से शुरू हुआ और धीरे-धीरे गैंगवार में बदल गया। इसके बाद दिल्ली और आसपास के इलाकों में दोनों गुटों के बीच लंबे समय तक हिंसक संघर्ष चलता रहा। गोगी की हत्या के बाद टिल्लू को 2023 में तिहाड़ जेल के अंदर मार दिया गया। पुलिस जांच में इस हत्या को भी पुरानी दुश्मनी और बदले की कार्रवाई से जोड़ा गया था। अब अंकित बालियान हत्याकांड में इसी पुराने गैंगवार की परछाईं दिखाई देने की बात सामने आ रही है। यही वजह है कि दिल्ली पुलिस के लिए यह केस सिर्फ एक मर्डर केस नहीं, बल्कि दिल्ली-हरियाणा-पश्चिमी यूपी में बदलते गैंग नेटवर्क की नई तस्वीर समझने का जरिया बन गया है।
फिलहाल इसे सीधे तौर पर गोगी गैंग की ‘वापसी’ कहना जल्दबाजी होगी। लेकिन जांच से इतना जरूर संकेत मिलता है कि गैंग का नेटवर्क पूरी तरह खत्म होने के बजाय नए चेहरों और अलग-अलग स्तरों के जरिए सक्रिय रहने की कोशिश कर सकता है। दिल्ली पुलिस अब इस बात पर नजर रख रही है कि अंकित हत्याकांड में सामने आए नामों का नेटवर्क कहां तक फैला है और क्या इसका कनेक्शन जेल में बंद गैंगस्टरों, फरार आरोपियों या विदेश में बैठे कथित हैंडलर्स तक जाता है।
Updated on:
04 Sept 2026 02:32 pm
Published on:
04 Sept 2026 02:32 pm
