
woman blood group changed from B positive to AB positive in testing at district hospital
mp news: मध्यप्रदेश में जिला अस्पतालों में गड़बड़ियों और लापरवाहियों के मामले अक्सर सामने आते रहते हैं लेकिन इस बार श्योपुर जिला अस्पताल से जो मामला सामने आया है वो हैरान कर देने वाला है। दरअसल यहां एक गर्भवती महिला और उसका पति उस समय अस्पताल की जांच रिपोर्ट की उलझन में पड़ गए जब वह रक्त की कमी के कारण अस्पताल में रक्त चढ़वाने के लिए पहुंचे। लेकिन यहां रक्त कैसे चढ़ पाता क्योंकि, महिला का ब्लड ग्रुप दो महीने में ही बदल चुका था।
कंवरसली निवासी महावीर मीणा ने बताया कि गांव की आशा कार्यकर्ता ने उसकी पत्नी कृष्णलीला मीणा को ब्लड जांच करवाने की बात कही थी, ताकि डिलेवरी के टाइम हीमोग्लोबीन कम न रहे। सोमवार को जिला चिकित्सालय पहुंचे तो वहां रक्त चढ़वाने से पहले ब्लड ग्रुप की जांच करवाई गई। लेकिन जब जांच रिपोर्ट आई तो उसमें हीमोग्लोबीन तो 8 पॉइंट आया लेकिन ब्लड ग्रुप एबी पॉजीटिव आया जो कि अलग था। क्योंकि 22 जुलाई को जिला अस्पताल की ही जांच रिपोर्ट में ब्लड ग्रुप बी-पॉजीटिव था।
जुलाई की जांच रिपोर्ट में ब्लड ग्रुप बी पॉजीटिव और सितंबर की जांच में एबी पॉजीटिव आने पर महावीर व उनकी पत्नी असमंजस में पड़ गए। क्योंकि एक ओर तो डिलेवरी का समय नजदीक है और खून की कमी के साथ ब्लड ग्रुप भी चेंज हो गया, ऐसे में कहीं गलत खून न चढ़ जाए। महावीर मीणा ने बताया कि बाद में हम इस मामले को लेकर जब अस्पताल प्रबंधक के पास पहुंचे तो उन्होंने बताया कि इस तरह की गलती हो जाती है, दुबारा जांच करवा लो। इस पर वह दोबारा जांच करवाने पहुंचे तो लैब टेक्नीशियन ने यह कहते हुए दुबारा जांच नहीं की कि 24 घंटे बाद मशीन पर दोबारा जांच चढ़ती है, जिससे वह परेशान हो गए जबकि उनकी पत्नी की डिलेवरी का लास्ट टाइम चल रहा है।
Published on:
03 Sept 2025 06:51 pm

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