
एमपी के शिवपुरी में गुरू पूर्णिमा के अवसर पर 21 जुलाई को विवाह बंधन में बंधे विदेशी दूल्हा-दुल्हन।
MP News: मध्य प्रदेश के शिवपुरी में स्विट्जरलैंड के मार्टिन और जर्मनी की उलरिके की अनोखी शादी चर्चा में बनी हुई है। पहले शादी होनी है, फिर शादी हुई और अब शादी होने के बाद भी इसकी चर्चा आम है।
चर्चा का कारण धूम-धाम, गाजा-बाजा बारात नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति के विवाह का महत्वपूर्ण रिवाज है। जिसे शिवपुरी के आध्यात्मिक गुरु भूल गए और स्वीट्जरलैंड का दूल्हा और जर्मनी की दुल्हन को विवाह के पवित्र बंधन में बांध दिया।
अब जब मेहमानों, दोस्तों, रिश्ते-नातेदरों को इस बात का पता चला तो उन्होंने सवाल पूछ-पूछकर गुरु जी को घेर लिया। लोगों का सवाल था कि आखिर देव सोते समय उन्होंने इस विदेशी कपल की शादी कैसे करवा दी? उनका सवाल ये भी था कि अब ये शादी कितनी सफल रहेगी?
दरअसल 21 जुलाई को इस विदेशी कपल का विवाह शिवपुरी में पूरे विधि-विधान और धूम-धाम से कराया गया। लेकिन जिस तिथि और समय में ये विदेशी जोड़ा विवाह बंधन में बंधा, उस समय देव सो रहे थे। यानी इस विदेशी जोड़े को शादी के खास दिन पर देवताओं का आशीर्वाद तक नहीं मिला।
बता दें कि मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में गुरु पूर्णिमा के अवसर पर (21 जुलाई) स्विट्जरलैंड के मार्टिन और जर्मनी की उलरिके ने सात फेरे लिए। धूम-धाम से हुई इस शादी में विदेशी मेहमान भी शामिल हुए। शादी के बंधन में बंधने के लिए दोनों 11 जुलाई को ही शिवपुरी आ गए थे। दोनों दूल्हा-दुल्हन डॉ. रघुवीर सिंह गौर के यहां ठहरे हुए थे। शादी के हिन्दू रीति-रिवाज से विवाह बंधन में बंधकर ये विदेशी मेहमान बेहद खुश थे।
लेकिन जब लोगों को पता चला कि शादी के समय देवता सोए थे, तो पूरे आयोजन के कर्ताधर्ता गुरुजी रघुवीर गौर से सवाल पुछने लगे कि देवता तो सो गए, फिर यह शादी कैसे हो गई?
इस सवाल पर गुरुजी अटक गए, कुछ लोगों का कहना है कि सवाल पूछते ही गुरु जी ने देव के सोने और जागने के विधि विधान को ही बदल दिया। अब लोगों के मन चिंता है कि इस विदेशी जोड़े की शादी सफल होगी भी कि नहीं?
स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में रहने वाले मार्टिन आमवस्टन लीगल ऑडिट में कंप्लायंस ऑफिसर हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए 5 साल पहले आध्यात्मिक गुरु डॉ. रघुवीर सिंह गौर के संपर्क में आए थे। शुरुआती दौर में उन्होंने ध्यान (meditation) के लिए ऑनलाइन मदद ली।
इसके बाद स्लोगन ‘सेवकाई में प्रभुताई’ शब्द का अर्थ जाना तो पता चला कि जीवन के 45 साल ऐसे ही गंवा दिए। इसके बाद गुरुजी से जुड़ गए। मार्टिन कहते हैं कि गुरुजी के दर्शन करके उन्हें मेंटल पीस मिलता है।
मार्टिन बताते हैं कि उलरिके से उनकी मुलाकात स्पेन में हुई थी। वह जर्मनी के म्यूनिख शहर की रहने वाली हैं। उलरिके नर्स हैं और किसी बड़े अस्पताल में पदस्थ हैं। दोनों के विचारों मिले तो उनकी दोस्ती हो गई औऱ फिर प्यार हो गया। दोनों ने गुरुजी के आशीर्वाद से मध्य प्रदेश के शिवपुरी में अपने आध्यात्मिक गुरु के आशीर्वाद से शादी की।
Published on:
22 Jul 2024 10:34 am
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