
सोमवार रात अपहरण की सूचना आई। मंगलवार रात इंदौर के दीक्षा हॉस्टल के बाहर काव्या दिखी।
नीट की तैयारी करने कोटा गई शिवपुरी की छात्रा के अपहरण के मामले में बड़े खुलासे के बाद हर कोई हैरान रह गया। अब कोटा एसपी ने बताया, छात्रा और उसका दोस्त 17 मार्च को जयपुर गए थे। दूसरे दिन इंदौर आ गए। अभी छात्रा इंदौर में ही है। एसपी ने छात्रा से अपील की है, वह जहां भी हो, संपर्क करें। पुलिस सुरक्षा देगी। वहीं, पिता ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, यह गलत है। ऐसा है तो छात्रा कहां है? 12वीं के बाद छात्रा नीट की तैयारी करने पहले इंदौर गई थी। पिता ने बताया था कि वहां भी ऐसे ही उसके अपहरण की कहानी आई थी। सुरक्षा को देखते हुए बेटी को घर ले आए थे। फिर छह माह पहले कोटा में तैयारी के लिए भेजा। परिजनों को यह पता नहीं था कि वह फिर इंदौर चली गई है।
नीट की तैयारी करने कोटा गई शिवपुरी की छात्रा के अपहरण के मामले में बड़े खुलासे के बाद हर कोई हैरान रह गया। छात्रा ने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी। दो दोस्त ब्रजेंद्र और हर्षित के साथ अपहरण और फिरौती की साजिश रची। छात्रा के रस्सी से बंधे हाथ-पैरों के साथ जो तस्वीर-वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुए, वे इंदौर के भंवरकुआं स्थित सिमरन हॉस्टल में बनाए। इस हॉस्टल में ब्रजेंद्र रहता है।
14 मार्च को यहीं छात्रा काव्या पिता रघुवीर धाकड़ की तस्वीर हर्षित ने ली और वायरल किया। सागर के ब्रजेंद्र को कोटा पुलिस साथ ले गई है। हॉस्टल से रस्सी भी बरामद की है। इंदौर क्राइम ब्रांच ने दीक्षा हॉस्टल के बाहर सीसीटीवी फुटेज में मंगलवार रात 9.30 बजे काव्या को ब्रजेंद्र व एक दोस्त के साथ जाते देखा है।
कोटा एसपी डॉ. अमृता दुहन ने बताया, काव्या 3 अगस्त 2023 को मां के साथ कोटा गई थी। उसका किसी कोचिंग में एडमिशन नहीं हुआ था। मां उसे एक हॉस्टल में छोड़कर शिवपुरी लौट गई। फिर छात्रा ५ अगस्त को इंदौर चली आई। तब से इंदौर में ही है। छात्रा और उसके दोस्त का यहां पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। वे विदेश जाना चाहते थे, इसलिए अपहरण की झूठी कहानी रची।
12वीं के बाद छात्रा नीट की तैयारी करने पहले इंदौर गई थी। पिता ने बताया था कि वहां भी ऐसे ही उसके अपहरण की कहानी आई थी। सुरक्षा को देखते हुए बेटी को घर ले आए थे। फिर छह माह पहले कोटा में तैयारी के लिए भेजा। परिजनों को यह पता नहीं था कि वह फिर इंदौर चली गई है।
सूत्रों की मानें तो सिमरन हॉस्टल में रहने वाले ब्रजेंद्र के पास 14 मार्च को दोस्त हर्षित काव्या के साथ आया। बोला-हम भाईबहन हैं। हर्षित ने होस्टल की रसोई में काव्या के हाथ-पैर में रस्सी बांधी और फोटो खींचा। बाद में दोनों चले गए। काव्या दीक्षा हॉस्टल में रुकी।
छात्रा ने जिस दिन अपहरण की साजिश रची थी, उससे एक दिन पहले ही छात्रा के परिजनों को उसके टेस्ट में आए नंबरों का मैसेज आया था। जिस मोबाइल नंबर से परिजनों को मैसेज किए, वो मप्र की है। रात में जब परिजन ने कोटा पुलिस को छात्रा की ओर से भेजे मैसेज दिखाए तो मोबाइल नंबर देखकर ही पुलिस साजिश की बात समझ गई।
पोहरी एसडीओपी ने बताया, 30 लाख की फिरौती जिस खाते में मांगी, वह छात्रा का ही है। तकनीकी जांच से खुला अपहरण का राज को टा पुलिस ने जांच शुरू की तो तकनीकी जांच में छात्रा और अपहरणकर्ता की लोकेशन इंदौर के भंवरकुआं क्षेत्र में मिली। बुधवार को कोटा पुलिस इंदौर पहुंची। क्राइम ब्रांच की टीम के साथ अफसरों ने भंवरकुआं में भोलाराम उस्ताद मार्ग के पास दीक्षा हॉस्टल तक टीम ने जांच की। सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो मंगलवार रात 9.30 बजे काव्या ब्रजेंद्र और एक अन्य युवक के साथ जाती दिखी।
कोटा पुलिस संदिग्ध ब्रजेंद्र को साथ ले गई है। युवती और उसके साथी का पता नहीं चला।
- राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच, इंदौर
Updated on:
21 Mar 2024 09:22 am
Published on:
21 Mar 2024 07:52 am
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