
सीएमओ श्रावस्ती फोटो सोर्स विभाग
श्रावस्ती जिले के इकौना में सड़क हादसे के घायल की इलाज में लापरवाही ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। टांके का धागा तक न मिलने और उपचार में देरी से नाराज परिजनों ने पूरे मामले को सियासी रंग दे दिया है।
श्रावस्ती जिले के इकौना थाना क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद घायल युवक के इलाज में हुई लापरवाही ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। मामला तब तूल पकड़ गया। जब मीडिया में खबर वायरल हुई कि CHC इकौना में घायल को टांके लगाने के लिए धागा तक नहीं मिला। इलाज में देरी और अफरातफरी ने परिजनों का गुस्सा और बढ़ा दिया।
मीडिया में मामला उछलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर लापरवाह पाए गए डॉक्टर, फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय को CHC इकौना से हटा दिया।
जांच में प्रारंभिक रूप से इलाज में लापरवाही सामने आई है। CHC अधीक्षक की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है। तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, CHC अधीक्षक का एक गैर-जिम्मेदाराना बयान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद और गहरा गया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि विभाग खानापूर्ति कर दोषियों को बचाने में जुटा है। परिजनों का सवाल है कि आखिर श्रावस्ती में "खानापूर्ति वाला इलाज" कब खत्म होगा। जिम्मेदारों पर कब कार्रवाई होगी।
इस संबंध में श्रावस्ती के सीएमओ ने प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि जब उन्हें घटना की जानकारी हुई तो जांच कराया। जिसमें जिन स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी थी। उनकी लापरवाही सामने आई है। उन्होंने अपने दायित्व का निर्वहन ठीक ढंग से नहीं किया। इसको लेकर लोगों में आक्रोश है। जांच रिपोर्ट आने के बाद हमने उस समय ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर फार्मासिस्ट और वार्ड बॉय को वहां से हटा दिया है। जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। दूसरी बात यहां है कि वहां के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी का भी व्यवहार ठीक नहीं है। उनकी भी जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
27 Oct 2025 04:01 pm
Published on:
27 Oct 2025 04:01 pm
