
फर्जीवाड़े का खुलासा (Photo Source - Patrika)
MP News: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ लिपिक ने शिक्षक को फर्जी तरीके से दो वेतनवृद्धि का लाभ दे दिया। शिक्षक के सेवानिवृत्त होने के बाद कोषालय में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हो पाया, जिस पर शिक्षक से छह लाख रुपए से ज्यादा की राशि वसूली के लिए प्रस्तावित की गई, वहीं शिक्षक का पेंशन प्रकरण लटक गया, जिससे शिक्षक को उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब जवाब राज्य शासन को देना है।
इस अनियमितता पर संयुक्त संचालक लोक शिक्षण रीवा द्वारा नोटिस जारी कर तीन दिवस के अंदर जवाब मांगा गया है। उल्लेखनीय है कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 लिपिक श्यामलाल मिश्रा ने शिक्षिका पदमा त्रिपाठी को कूटरचित तरीके से पात्र न होते हुए भी दो वेतनवृद्धि का लाभ दिया। अब सेवानिवृत्त होने के बाद जिला कोषालय में इस अनियमितता का खुलासा हो पाया, जिस पर शिक्षिका को किए गए भुगतान से 6 लाख 72 हजार 829 रुपए की वसूली प्रस्तावित की गई, जबकि शिक्षिका उस राशि को वापस न करते हुए क्लेम रुकने पर उच्च न्यायालय की शरण ले ली है।
जिस पर उच्च न्यायालय ने मप्र शासन से जवाब तलब की है। इस अनियमितता पर संयुक्त संचालक ने नोटिस जारी कर तीन दिवस के अंदर लिपिक श्यामलाल मिश्रा से जवाब मांगा गया है, अन्यथा की स्थिति में एक पक्षीय कार्रवाई की हिदायत दी गई है।
Updated on:
10 Dec 2025 04:58 pm
Published on:
10 Dec 2025 04:58 pm
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