24 कोसीय परिक्रमा : ये है शेखावाटी की ‘अमरनाथ यात्रा’, जानिए क्यों?

24 कोसीय परिक्रमा : ये है शेखावाटी की ‘अमरनाथ यात्रा’, जानिए क्यों?

vishwanath saini | Publish: Sep, 06 2018 01:58:48 PM (IST) Sikar, Rajasthan, India

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लोहार्गल (झुंझुनूं). देश में जो स्थान अमरनाथ यात्रा को है, वैसी ही श्रद्धा शेखावाटी के लोगों के दिलों में बाबा मालकेत की 24 कोसीय परिक्रमा को लेकर है। गोगानवमी से शुरू हुई परिक्रमा इन दिनों शेखावाटी में सीकर-झुंझुनूं जिले की सीमा पर स्थित अरावली की वादियों में परवान पर है।

 

म्हारो हेळो सुणजो बाबा मालकेत महाराज..., थारे फेरी लगावां म्हे सगळां कै साथ..., ऐसे भजनों और बाबा मालकेत के जयकारों के साथ हजारों श्रद्धालु बाबा मालकेत की 24 कोसीय परिक्रमा में लगातार आगे बढ़ रहे हैं। बच्चे हो चाहे बुजुर्ग, महिला हो या पुरूष हर कोई बाबा मालकेत के जयकारे लगाते हुए बढ़े जा रहा है। कहीं मैदान तो कहीं पहाड़, कहीं सपाट रास्ते तो कहीं पथरीली पगडण्डी।


इन सबकी परवाह किए परिक्रमा मार्ग में आस्था का कारवां हर कदम मंजिल तय कर रहा है। परिक्रमा का नेतृत्व कर रही पालकी के साथ सैकड़ों संत-महंतो की टोली भजन और गीत गाते हुए माहौल को धार्मिक भावना से ओतप्रोत कर रही है। मंगलवार से शुरू हुई 24 कोसीय परिक्रमा के पहले दिन परिक्रमार्थियों की संख्या कम रहने के बाद दूसरे दिन संख्या में बढ़त नजर आई।

 

बुधवार दोपहर बाद हजारों हजार श्रद्धालुओं के जत्थे परिक्रमा के लिए रवाना हुए। परिक्रमा के दूसरे दिन ठाकुर जी की पालकी किरोड़ी पड़ाव से रवाना होकर देलसर घाटी, कोट गांव, कोट बांध होते हुए दूसरे पड़ाव पर शाकंभरी पहुंची। बुुधवार अलसुबह किरोड़ी में स्नान-ध्यान और पूजा-अर्चना के बाद पालकी रवाना हुई। योगी जीवननाथ की ओर से कोट में पालकी के साथ चल रहे संत-महात्माओं का सम्मान किया गया।

 

शनिवार देर शाम पालकी दूसरे पड़ाव पर शाकम्भरी पहुंची। जहां फेरी का अगेती दल करीब एक तिहाई दूरी तय करने की ओर अग्रसर है, वहीं दूसरी ओर बुधवार को हजारों श्रद्धालुओं ने लोहार्गल में स्नान करके परिक्रमा का श्रीगणेश किया। परिक्रमा देने वालों में पुरूषों की तुलना में महिला श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा नजर आई। बुधवार को जयपुर, अलवर, चूरू, सुजानगढ़, झुंझुनूं, हिसार, नीमकाथाना, नारनौल, सीकर, हनुमानगढ़ के परिक्रमार्थियों ने फेरी प्रारम्भ की।


परिक्रमार्थियों की सेवा


24 कोसीय परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं व स्वयंसेवकों की ओर से चाय, नाश्ता, ज्यूस, भंडारा व चिकित्सा शिविर लगाकर सेवा की जा रही है। नाथ सेवा मण्डल, रतनगढ़ द्वारा ज्ञान व्यापी के पास, शिव गोरा मंदिर ट्रस्ट द्वारा गोल्याना, बजरंग गढ़ सेवा समिति, बालाजी सेवा मंडल, पितृ सेवा समिति तथा डूंडलोद जन सेवा समित द्वारा चिराना, स्वामी परिवार की ओर से किरोड़ी में श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए सेवा शिविर लगाए गए हैं।


संतों को सम्मान, शाकम्भरी पहुंची पालकी


किरोड़ी से रवाना हुई ठाकुर जी की पालकी देलसर घाटी तथा कोट गांव होते हुए कोट बांध पहुंची। यहां पहाड़ी पर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में योगी जीवननाथ ने सभी संत-महात्माओं का स्वागत-सत्कार किया। पालकी के साथ हनुमानदास, राजकमलदास, कमलनयन दास, महंत बलरामदास, ओमदानदास, मुरलीदास, रामचंद्रदास, श्रवणदास, घनश्यामदास, श्रवणदास, दयालदास, नारायणदास, चमनदास, मुरलीदान पंडित, रामावतार दास, बलराम दास, नागारामदास, संतदास, रघुनाथदास सहित दर्जनों संत-महंत परिक्रमा दे रहे हैं।

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