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Lohargal LIVE : बाबा मालकेतु की 24 कोसीय परिक्रमा में एक मिनट में हजारों श्रद्धालुओं ने की घाटी की चढ़ाई

राजस्थान के झुंझुनूं-सीकर पर स्थित लोहार्गल में बाबा मालकेत की 24 कोसीय परिक्रमा हर साल गोगानवमी से शुरू होती है।
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Baba Malket 24 Kasiya Parikrama will start from 4 sep 2018 in Lohargal

Baba Malket 24 Kasiya Parikrama will start from 4 sep 2018 in Lohargal

लोहार्गल (झुंझुनूं).

उबड़ खाबड़ रास्ते, पहाडिय़ों के बीच श्रद्धालुओं की लंबी कतारें, जुबां पर बाबा मालकेतु व भगवान शिव के जयकारे, कोई भजन गाने में मशगूल तो कोई भजनों पर झूमने को मजबूर, हर कोई आस्था की इस डगर पर अपनी मस्ती में मस्त होकर नाचते-गाते और जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहा था।


लाखों की भीड़, पथरीले रास्ते पर पैर रखने की भी जगह नहीं फिर भी श्रद्धालु बड़े-बूढ़ों की देखभाल करते हुए, उन्हें सहारा देते हुए आगे बढ़ रहे हैं। कोई अलगोजा की मधुर आवाज पर नृत्य में मस्त है तो कोई बांसुरी से निकलती मधुर आवाज की मस्ती में खोया हुआ। श्रद्धालु भक्ति संगीत पर नाचते-गाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

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कुछ ऐसा ही नजारा इन दिनों राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी उपखण्ड के गांव चिराना, किरोड़ी और देलसर की घाटी से लेकर तक शाकंभरी तक लोहार्गल के मालकेतु बाबा की 24 कोसी परिक्रमा में देखने को मिल रहा है।
बाबा मालकेत की 24 कोसी परिक्रमा के तीसरे दिन गुरुवार को हजारों की संख्या में परिक्रमार्थी उमड़े। एकादशी होने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ में भारी उत्साह देखने को मिला।


गुरुवार को हजारों श्रद्धालुओं ने सूर्य कुण्ड में स्नान कर परिक्रमा की शुरुआत की। गुरुवार को किरोड़ी से शाकंभरी तक का मार्ग परिक्रमार्थियों से अटा हुआ नजर आया। हर एक मिनट में हजारों ने घाटियों की चढ़ाई की। घाटी चढ़ते हुए महिला श्रद्धालुओं ने लकड़ी का सहारा लिया। वही घाटी की चढ़ाई में जगह-जगह पेयजल की विशेष व्यवस्था की गई है।


ठाकुरजी ने किया विश्राम
परिक्रमा का नेतृत्व कर रही ठाकुरजी की पालकी गुरुवार को शाकंभरी से रवाना होकर तीसरे पड़ाव पर शोभावती पहुंची। यहां संतों ने सत्संग किया, भजन कार्यक्रम हुए। श्रद्धालुओं ने खाकी अखाड़ा में विश्राम किया। पालकी गुरुवार को शाकम्भरी से रवाना होकर सकराय, नाग कुण्ड, भगोवा, कालाखेत, टपकेश्वर महादेव होते हुए शोभावती पहुंची।