
दरिंदगी की हद पार: राजस्थान में 2400 स्कूली छात्राएं हुई हवस का शिकार
जोगेंद्र गौड़
सीकर. प्रदेश में बीते सवा साल में हवस के भूखों ने तीन हजार से अधिक बालिकाओं को अपना शिकार बना डाला है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें 80 फीसदी यानी करीब 2400 बालिकाएं स्कूली छात्राएं हैं। ऐसे में पढऩे के लिए घर से स्कूल या कॉलेज जाने वाली छात्राओं को सुरक्षा की दरकार है। क्योंकि इनकी सुरक्षा के लिए पुलिस की ओर से संचालित सेल्फ डिफेंस कार्यक्रम केवल कागजों में चल रहा है और आदेश के बावजूद प्रदेश के आधे जिले ऐसे हैं।
जिनमें अभी तक एंटी रोमियो स्क्वॉड टीम का गठन तक नहीं किया गया है। जिसमें सीकर जिला भी शामिल है। इसका खुलासा पुलिस विभाग की ओर से जारी दस्तावेजों में हुआ है। जिसमें सामने आया है कि 2018 से अब-तक साढ़े पांच हजार से अधिक मुकदमे बलात्कार के दर्ज हुए हैं और इनमें बालिकाओं के साथ घटना अंजाम देने के 3009 मामले शामिल हैं। पुलिस के शर्मसार करने वाले इन आंकड़ों के तहत बीते साल प्रदेशभर में 2213 बालिकाएं बलात्कार से पीडि़त मिली। इनमें कई अबोध बालिकाएं भी शामिल रहीं। जांच में सामने आया कि इन बच्चियों को घर से स्कूल आने-जाने के दौरान और स्कूलों के बाहर मंडराने वाले मनचलों ने अपने बिछाए जाल में फंसाया और कइयों का अपहरण कर बलात्कार का शिकार बनाया। पुलिस ने भागदौड़ शुरू की और बलात्कार की घटनाओं को सही मानते हुए आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किए। बलात्कार के दर्ज मुकदमों में ऐसे कई प्रकरण शामिल हैं। जिनमें गुरु और शिष्या के रिश्ते तार-तार हुए और घटना के बाद पीडि़त छात्रा शिक्षक के खिलाफ थाने में पहुंची है।
बंदूक के दम बलात्कार
उद्योग नगर थाने में दर्ज प्रकरण के अनुसार निजी स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षक विजय ने उसके यहां पढऩे वाली 17 वर्षीय छात्रा के साथ मारपीट की। संबंध बनाने के लिए पिस्तौल दिखाकर मजबूर किया और बाइक पर जबरन बैठाकर निजी होटल लेकर गया। इसके बाद यहां उसके साथ बलात्कार कर किसी को
बताने पर जान से मारने की धमकी दी।
शिक्षक पर आरोप
दादिया थाने में दर्ज मामले में कक्षा आठवीं की छात्रा ने शिक्षक पर परीक्षा के दौरान उसके साथ छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इसके साथ बाकी छात्राओं ने भी उनके साथ गंदी हरकत की बात पुलिस को बताई थी। इसके बाद प्रकरण की जांच सीओ एसीएसटी के हवाले कर दी गई।
इनका कहना है:
स्कूल व कॉलेज के बाहर मनचले लड़कों से निपटने और छात्राओं को परेशान करने वालों के खिलाफ पुलिस की विशेष टीम का गठन किया जा चुका है। चुनाव के बाद प्रभावी तरीके से टीम को इस काम के लिए लगा दिया जाएगा।
डा. अमनदीप सिंह कपूर, पुलिस अधीक्षक सीकर
Updated on:
24 Apr 2019 11:03 am
Published on:
24 Apr 2019 11:03 am
