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सीकर में एक मेला ऐसा भी लगता है जहां पुरुषों का प्रवेश है वर्जित

जिले के हरजनपुरा गांव में शनिवार को भैंरूजी महाराज के मेले के समापन के बाद रविवार को गुदड़ी का मेला भरा। जिसमें आस-पास गांवों की महिलाओं ने खरीदारी की। इस मेले की एक अनूठी परम्परा प्राचीन काल से ही चली आ रही है कि यहां मेले में पुरूषों का आना वर्जित है।
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सीकर

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Gaurav kanthal

May 13, 2019

sikar

सीकर में एक मेला ऐसा भी लगता है जहां पुरुषों का प्रवेश है वर्जित

चला. ग्राम हरजनपुरा में शनिवार को भैंरूजी महाराज के मेले के समापन के बाद रविवार को गुदड़ी का मेला सरपंच ममता गुर्जर के मुख्य आतिथ्य में भरा जिसमें आस पास के गांवों की महिलाओं ने खरीदारी की। महिलाएं आस पास के गांवों से टोलियां बनाकर मंगल गीत गाती हुई इस मेले में पहुंचती है तथा यहां सजने वाली दुकानों से अपने पसंद का सामान खरीदती है। मेला सुबह दस बजे से शुरू होता है तथा देर शाम तक भरता है। इस मेले की एक अनूठी परम्परा प्राचीन काल से ही चली आ रही है यहां मेले में पुरूषों का आना वर्जित है तथा इस मेले में महिलाओं के काम की चीजे मेले में मिलती हैं। महिलाओं ने अपने पसंद की चीजों के अलावा बच्चों के लिए खिलौनों व घरेलू सामान की जमकर खरीदारी की तथा मेले में कुल्फ ी व गन्ने के जूस का लुत्फ उठाया।


श्री कांकड़ वाले बालाजी के मेले में उमड़े भक्त
बावड़ी. राजस्व गांव सौंथलिया के समीप ढाणी हनुमान सागर में श्री कांकड़ के बालाजी मंदिर पर वार्षिक मेला भरा। एडवोकेट भागीरथ सिंह कूड़ी व बाबूलाल कूड़ी ने बताया कि मंदिर को रंग बिरंगें फूलों से सजाया गया। रविवार को दिन में मेला भरा जिसमें सैकड़ों भक्तों ने महाराज के मखाना, नारियल, चूरमा का भोग लगाया। शाम को 5100 रुपए तक की कुश्ती हुई। विजेता पहलवानों को सम्मानित किया गया। रात्रि में जागरण हुआ।


उमाड़ा में मनाई परशुराम जयंती
दांतारामगढ़. उमाड़ा गांव में परशुराम जयन्ती रविवार को मनाई गई। इस मौके पर परशुराम महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर परशुराम महाराज के बताए मार्ग पर चलनें का आव्हान वक्ताओं ने किया। डॉ. पुरषोत्तम इंदौरिया ने बताया कि उमाड़ा ब्राह्मण बाहुल्य होने के साथ ही यहां सरकारी कर्मचारी सबसे अधिक है। इस कारण परशुराम की जयन्ती रविवार को मनाई गई और इस मौके पर सभी ने सामाजिक सुधार की बात करते हुए समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने पर विचार किया।