
A man missing from sikar Rajasthan
सीकर. इमित्र व लोसल में फाइनेंस के कारोबार से जुड़ा युवक तीन दिन बाद भी घर नहीं लौटा है। जबकि युवक परिजनों को यह बताकर गया था कि उसे किसी से रुपए लेने हैं और वह 10 जुलाई की शाम को धोद से सीकर के लिए रवाना हुआ था। ऐसे में परिजनों को शक है कि उसका किसी ने अपहरण कर लिया है। अन्यथा उसका फोन स्विच ऑफ नहीं आता और वह उन्हें जरूर बताता कि इस वक्त वो कहां ठहरा हुआ है।
धोद तहसील के बल्लुपुरा निवासी पंकज बाजिया के अनुसार उसका 25 वर्षीय भाई कैलाशचंद बाजिया 10 जुलाई को शाम चार बजे धोद से सीकर के लिए रवाना हुआ था। इसके बाद पांच बजे वह सीकर पहुंचा। यहां बस डिपो के पास एक होटल में एक व्यक्ति को दस हजार रुपए दिए। इसके बाद अब तक कैलाशचंद का कोई पता नहीं चला है। जबकि उसके पास दो मोबाइल भी थे। लेकिन, वह भी तब से स्वीच ऑफ आ रहे हैं। पंकज को डर है कि उसके भाई के साथ कोई अनहोनी घटना हो सकती है। कैलाश की बहन पंकज का आरोप है कि उसका भाई बिना बताए कहीं नहीं रूक सकता। उसके भाई का कोई अपहरण कर ले गया है।
पुलिस कर रही जांच
परिजनों ने उद्योग नगर थाने में कैलाशचंद की गुमशुदगी दर्ज करा रखी है। परिवार के लोग गुरुवार को भी थाने में जाकर कैलाशचंद की बरामदगी के बारे में पूछने गए थे। लेकिन, पुलिस ने यह कह कर टरका दिया कि कैलाशचंद की बरामदगी के लिए वह संबंधित होटल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रहे हैं और वह अपने स्तर पर कैलाशचंद को खोजने का प्रयास में जुटे हुए हैं।
बोला-रुपए लेने जा रहा हूं
कैलाशचंद के साथ काम करने वाले ताराचंद ने बताया कि कैलाश उसे कह कर गया था कि उसे किसी से रुपए लेने हैं और वह वहीं जा रहा है। हालांकि यहां दस लेकर गए दस हजार रुपए तो उसने संबंधित व्यक्ति को दे दिए थे। लेकिन, रुपए लेने किससे हैं। यह उसने नहीं बताया। ताराचंद के अनुसार कैलाशचंद का लोसल में इमित्र है और वह फाइनेंस पर लोगों को ऋण भी दिलाता है।
Published on:
13 Jul 2018 04:47 pm
