
उम्र भी नहीं आई आड़े, सहारे से पहुंचकर डाला वोट
सीकर. लोकतंत्र के महापर्व के प्रति लोगों में कितना उत्साह व जागरुकता है, इसका नमूना सोमवार को जिले में हुए मतदान के दौरान देखने को मिला। यहां मतदान के लिए न तो उम्र ही रोक पाई और न ही शारीरिक विकलांगता उनके जज्बे के आगे बाधा बनी। इसके लिए किसी ने बेटे का सहारा लिया तो कोई भतीजे या अन्य रिश्तेदारों के साथ मतदान केंद्र पहुंचा और वोट डालकर चैन की सांस ली। श्रीमाधोपुर में 113 साल की महिला 94 साल की बहु के साथ आकर वोट डाला। इसी तरह लोसल में 105 साल की महिला और सीकर में 98 साल की महिला ने परिजनों के साथ आकर वोट डाला तो निशक्तजन भी परिजनों के सहारे बूथ तक पहुंचे और मतदान किया।
113 साल की सास पहुंची बहु के सहारे
श्रीमाधोपुर के वार्ड आठ निवासी ज्ञानी देवी 113 साल की होने के बाद भी मतदान के प्रति जागरुक हैं। वे बहू 94 साल की भूरी देवी
के साथ जीप में सवार होकर मतदान करने पहुंची। हालांकि दोनों उम्र ज्यादा होने के कारण चल पाने में असमर्थ थी, फिर भी परिजनों की मदद से मतदान केंद्र पहुंची और वोट डाला। इसी तरह लोसल के बूथ संख्या 208 पर 105 साल की गंगादेवी ने परिजनों के साथ आकर वोट दिया। वहीं सीकर शहर के बूथ संख्या 63 पर 98 साल की बुर्जुग महिला ने वोट डाला। वृद्धा परिजनों के साथ वार्ड के बूथ पर पहुंची और पोते की सहायता से मतदान किया। इसी तरह धोद की नर्मदा देवी भी परिजनों के साथ मतदान केंद्र पहुंची और वोट डाला।
Updated on:
06 May 2019 12:31 pm
Published on:
06 May 2019 12:31 pm
