
हथियारों से लैस बदमाशों ने की 19 पुलिसकर्मियों की हत्या
सीकर. आपसी रंजिश में पनप रही गैंगवार और पुलिस पर हो रहे हमलों के कारण शेखावाटी का क्षेत्र बारूद के ढेर पर है। यहां की गैंगवार ने ना केवल सरकार बल्कि पुलिस की भी नींद उड़ा रखी है। स्थिति यह है कि प्रदेश में यदि खाकी पर जान लेवा हमले हुए हैं तो उसमें सीकर जिले की पुलिस शामिल है। जिनमें अब-तक चार पुलिसकर्मी मौत की नींद सो चुके हैं। जिनमें कांस्टेबल से लेकर हैड कांस्टेबल व थानाधिकारी तक शामिल है। जबकि दूसरे नंबर पर बदमाशों ने उदयपुर जिले को निशाना बनाया है। यहां तीन पुलिस वाले इनकी गोली का शिकार बन चुके हैं। चिंता लाजिमी इसलिए है कि अपराधियों के दुस्साहस के कारण बीते दस सालों में 19 पुलिस जवानों को इसकी कीमत जान देकर चुकानी पड़ी है। जिन्हें हथियारों से लैस अपराधियों ने अपना निशाना बनाया है।
पुलिस सूत्रों से मिले रिकार्ड के अनुसार बानगी यह है कि बीते दस साल 2009 से लेकर अब-तक 19 पुलिसकर्मियों की हत्या हो चुकी है। जिनमें फायरिंग व मारपीट आदि की घटनाएं शामिल हैं। इनमें सीकर के बाद उदयपुर जिले के पुलिसकर्मी सबसे अधिक मौत के घाट उतरे हैं। हत्या में एक दो पुलिसकर्मी तो वे हैं। जिनको बदमाशों ने जिंदा जलाया दिया था। जबकि शेखावाटी से जुड़े नागौर, अलवर, दौसा व धौलपुर मेंं हत्या होने वाले दो-दो पुलिस के जवान शामिल हैं। इनके अलावा झुंझुनूं, जयपुर, जोधपुर में एक-एक पुलिस कर्मी का परिवार मौत के सितम को झेल रहा है। इनमें कई पुलिस के जवान ऐसे भी रहे जिनको बदमाशों ने जिंदा आग के हवाले कर दिया था। सुरक्षा के लिए पुलिस पहुंचती उससे पहले ही इनके प्राण हर लिए गए। इनकी हत्या में शामिल कई अपराधी भी इतने शातिर निकले जिनका पता पुलिस अभी तक नहीं खंगाल पाई है।
यह हुए शहीद
इसी महीने फतेहपुर में कोतवाल मुकेश कानूनगो व कांस्टेबल रामप्रकाश की गोली मारकर हत्या देने के अलावा 2009 में हरिशचंद्र कांस्टेबल व 2013 में ओमप्रकाश कांस्टेबल की जान फतेहपुर में चली गई थी। इसके अलावा बाकी जिलों की पुलिसकर्मियों में लालाराम यादव, कुंभाराम, फैज मोहम्मद, फूल मोहम्मद, महेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, योगेंद्र सिंह, चिरंजीलाल, जमनालाल पुजारी, सोहनलाल रेगर, प्रकाश, निहाल सिंह, चंद्रभान, अर्जुन ङ्क्षसह, राजेश कुमार का नाम शामिल है। इनमें एक पुलिसवाले को मारने के बाद अपराधी ने दोबारा हिम्मत दूसरे पुलिसकर्मी की हत्या की वारदात में शामिल हो गया था।
खतरनाक हथियार
सीकर जिले की पुलिस अपने यहां करीब पांच दर्जन हथियार बरामद कर चुकी है। जिनमें कार्बाइन सहित आनंदपाल के पास एके 47 देखकर हैंरत में आ गई थीं। गत महिनों से फायरिंग की घटनाओं में पुलिस उलझ रही है। सूत्रों का कहना है कि कई अपराधी समय पर नहीं पकड़े जाते तो दीपावली से पहले और धमाका भी भुगतना पड़ सकता था।
Published on:
19 Oct 2018 11:27 am
