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बोर्ड परीक्षा में पास कराने के लिए मांगे 42 हजार रुपए, साढ़े छह घंटे की परीक्षा 2 घंटे में निपटाई

चित्रकला विषय की प्रायोगिक परीक्षा में पास कराने के नाम पर परीक्षक द्वारा 21 छात्र-छात्राओं से 42 हजार रुपए मांगने का मामला सामने आया है।
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चित्रकला विषय की प्रायोगिक परीक्षा में पास कराने के नाम पर परीक्षक द्वारा 21 छात्र-छात्राओं से 42 हजार रुपए मांगने का मामला सामने आया है।

बोर्ड परीक्षा में पास कराने के लिए मांगे 42 हजार रुपए, साढ़े छह घंटे की परीक्षा 2 घंटे में निपटाई

सीकर.

चित्रकला विषय की प्रायोगिक परीक्षा में पास कराने के नाम पर परीक्षक द्वारा 21 छात्र-छात्राओं से 42 हजार रुपए मांगने का मामला सामने आया है। पलसाना के नवनीत विद्या मंदिर स्कूल के विद्यार्थियों की साढ़े छह घंटे की प्रायोगिक परीक्षा परीक्षक ने 2 घंटे में पूरी कर संस्था प्रधान से राशि की मांगी की। ऐसे में परीक्षा रद्द कराने की मांग लेकर सोमवार को स्कूल निर्देशक व संस्था प्रधान सहित स्कूली विद्यार्थी जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक कार्यालय पहुंचे और परीक्षा के नाम पर रुपए मांगने वाले परीक्षक के खिलाफ ठोस कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार पलसाना के नवनीत विद्या मंदिर स्कूल में 25 फरवरी को चित्रकला विषय की प्रायोगिक परीक्षा हुई। परीक्षक सतवीर सिंह भास्कर ने साढ़े छह घंटे की प्रायोगिक परीक्षा दो घंटे में पूरी कर विद्यार्थियों को पास कराने के 42 हजार रुपए की मांगे। मांग पूरी नहीं करने पर बच्चों को परीक्षा में फेल करने की धमकी दी गई। उसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर को फोन पर इसकी सूचना दी। उसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी को लिखित में तथा बोर्ड को ई-मेल से शिकायत भी दी गई। स्कूल निर्देशक जय राम खोवाल का आरोप है कि मामले में आज दिन तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यहां तक की जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक ने मामले की जांच भी सही ठंग से नहीं की। जांच अधिकारियों ने फोन पर ही कुछ सूचना ली। उसके बाद जांच अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ हमें कार्यालय बुलाया। लेकिन जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं जांच अधिकारी दोनों ही उस दिन नहीं मिले।


इनका कहना है
जांच रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भेजी हुई है। बोर्ड से निर्देश मिलने के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-मुकेश महता, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक सीकर