
शहीद महेश के अंतिम यात्रा के लिए सजा रथ, मुख्यमंत्री गहलोत ने जताई संवेदना
खाटूश्यामजी.
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में सीकर जिले के लांपुवा गांव के सीआरपीएफ जवान महेश कुमार मीणा के शहीद होने पर संवेदना व्यक्त की है। गहलोत ने कहा कि मीणा ने देश के लिए शहादत देकर अपने परिवार के साथ ही पूरे प्रदेश और देश का सिर गर्व से ऊंचा किया है। गहलोत ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोक संतप्त परिजनों को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। इधर, शिक्षामंत्री गोविंद सिंह डोटासरा व सांसद सुमेधानंद, महादेवसिंह भी पहुंचे, लेकिन पार्थिव देह के नहीं पहुंचने पर वापस लौट आए।
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अंतिम यात्रा के लिए सजा रथ
सेना की ओर से शहीद की शवयात्रा के लिए वाहन को रथ के रूप में तैयार किया। रथ के आगे शहीद महेश की फोटो लगी थी और चारों और फूल मालाओं से सजाया गया था।
पार्थिव देह को देखने के लिए पल पल भारी
शहीद महेश मीणा की मौत की सूचना सोमवार देर रात तक उनके परिजनों को नहीं दी गई। मगर मंगलवार को अंतिम संस्कार होने को लेकर शहीद के परिजनों को इसकी सूचना दे दी गई। लेकिन सायं अधिक होने पर सैनिक का शव लांपुआ गांव नहीं पहुंचा और अंतिम संस्कार बुधवार को होने का पता लगा तो ऐसे में परिजनों का रात निकालना भी मुश्किल हो गया। घर में गमगीन माहौल है और शहीद महेश के पिता गोधाराम (सेवा नि.अध्यापक) व माता गणपति देवी, पत्नी सरोज देवी, बेटे हर्षित व छोटी बेटी पलक आदि परिजनों की आंखे अपने के इंतजार में टकटकी लगाए बैठे है।
Updated on:
16 Jan 2019 07:28 pm
Published on:
16 Jan 2019 11:10 am
