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समितियां नहीं बेच पाएंगी चोरी छिपे अपने स्तर पर दूध

सरस डेयरी लगाएगी बीएमसी समितियों पर डाटा लोगरआसपुरा समिति पर प्रयोग के तौर पर लगाया गया है अभी
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sikar hindi news

समितियां नहीं बेच पाएंगी चोरी छिपे अपने स्तर पर दूध

पलसाना. सीकर एवं झुंझुनूं जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ पलसाना में जरूरत के समय दूध की कम आवक को लेकर डेयरी प्रबंधन भी गंभीर हो गया है। डेयरी अब बीएमसी समितियों पर डाटा लोगर लगाएगा। ऐसे में अब इन समितियों से बिना डेयरी प्रबंधन की जानकारी के सीधे दूध की ब्रिकी आसान नहीं होगी। डेयरी प्रबंधक केसी मीणा ने बताया कि डेयरी में इस समय दूध की आवक कम है। शादी-ब्याह का सीजन होने से बाजार में दूध व दूध से बने अन्य उत्पादों की मांग ज्यादा आ रही है। लेकिन डेयरी के पास जो सूचनाएं आ रही है उसमें पता चला है कि समितियों से सीधे ही दूध की ब्रिकी कर दी जाती है। जिससे डेयरी में पूरा दूध नही पहुंच पा रहा है। ऐसे में इस प्रकार की दूध ब्रिकी पर रोक लगाने के लिए बीएमसी समितियों पर तकनीक को विकसित किया जाएगा।

जिसमें समितियों पर डाटा लोगर लगाए जाएंगे, जिससे इन समितियों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी होने पर डेयरी में बैठे ही अधिकारियों को आसानी पता चल सकेगा। डाटा लोगर लगाने के लिए सरस डेयरी ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कार्य शुरू कर दिया है। डेयरी ने आसपुरा बीएमसी सीमिति पर प्रयोग के तौर पर डाटा लोगर लगाया है। कुछ दिन इस समिति पर प्रयोग के बाद सकारात्मक परिणाम आने पर जल्द ही सभी बीएमसी समितियों पर डाटा लोगर लगाए जायेंगे। अभी प्रदेश में जयपुर डेयरी के अलावा, चितौडगढ़़,पाली व जालोर डेयरियों में भी डाटा लोगर लगाए गए है। डाटा लोगर लगने के बाद सीकर दुग्ध संघ भी इस श्रेणी में शामिल हो जाएगा।
कैसे काम करेगा डाटा लोगर
डाटा लोगर जीपीआरएस सिस्टम की तरह ही काम करता है। इसमें बीएमसी समिति पर सैंसर लगेगा। जिससे समिति पर आने वाले दूध का माप तोल करके जैसे ही ठंडा होने के लिए मशीन में डाला जायेगा उसका नाम, एसएनएफ और फैट आदि का पता चल जायेगा। इसके अलावा मशीन का तापमान कितनी बजे कितना था। इसकी भी पल पल की जानकारी डेयरी में बैठे अधिकारियों के पास होगी। ऐसे में एक बार मशीन में ठंडा करने के लिए दूध डाल दिए जाने के बाद उससे वापस निकालने पर डेयरी में बैठे अधिकारियों को इसका पता चल जायेगा और फिर डेयरी संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई कर सकेगी।