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शहर में बढ़ा अपराध, गांवों में सुकून

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सीकर

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Gaurav kanthal

Apr 27, 2019

sikar

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शहर में बढ़ा अपराध, गांवों में सुकून
सीकर. शहरी क्षेत्रों में अपराध की जड़े दिन-ब-दिन गहरी होती जा रही हैं। वहीं इसके उलट गांवों में लोग कुछ हद तक सुकून भरी जिंदगी जी रहे हैं। पुलिस थानों में दर्ज प्रकरणों के मुताबिक दो साल के शुरूआती तीनों महीनों में जिलेभर में साढ़े तीन हजार से अधिक अपराधिक मुकदमे दर्ज हुए। जिनमें ग्रामीण के बजाय शहरी क्षेत्र में दर्ज होने वाले प्रकरणों की संख्या ज्यादा है।
पुलिस से मिले रेकार्ड के अनुसार 2018 व 2019 में जनवरी से मार्च तक जिले के 24 पुलिस थानों में अपराध के 3,524 मामले दर्ज हुए हैं। जिनमें कई तरह के प्रकरण शामिल हैं। लेकिन, खास बात यह निकली कि जो पुलिस थाने ग्रामीण व कस्बों में संचालित हो रहे हैं। उनकी संख्या शहरों की बजाय छह गुना अधिक होने के बावजूद भी उनमें दर्ज होने वाले मुकदमों की संख्या 100 तक नहीं पहुंची है। लेकिन शहरी क्षेत्र में चलने वाले केवल पांचों थानों में हर के अंदर इनकी संख्या 150 के करीब पहुंच गई है। ऐसे में पुलिस का मानना कि शहर में बढ़ रही अपराध की दर को भी रोकना होगा। ताकि यहां के बाशिंदे भी गांव की तरह सुकून की जिंदगी जी सके।
सबसे कम यहां
जिलेभर में सबसे कम 28 मुकदमे धोद थाने में दर्ज हुए हैं। जबकि महिला थाने में 42, बलारा थाने में 73 तथा फतेहपुर सदर में 94 प्रकरण दर्ज किए गए। जिनकी संख्या बाकी 20 थानों में सबसे कम रही है।
सबसे ज्यादा सीकर में
दोनों वर्षों की इन तीन महीनों की अवधि में फतेहपुर के शहरी क्षेत्र में स्थित कोतवाली में 162 मुकदमे, रींगस में 252, नीमकाथाना कोतवाली में 244 मुकदमें दर्ज हुए हैं। जबकि अकेले सीकर शहर में स्थित दोनों थाने कोतवाली व उद्योग नगर में 568 प्रकरण दर्ज हुए हैं। जिनकी संख्या बाकी के 22 थानों को मिलाने पर भी सबसे अधिक है। ऐसे में शहर में अपराध का ग्राफ साफ बढ़ता नजर आता है।
जिले में अपराध के ट्रेंड में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। इन पर नजर रखने के लिए विशेष टीम बनी हुई है। पुलिस प्रयास कर रही है कि अपराध की बढ़ रही विसंगतियों के प्रति सचेत रहे। ताकि बाकी जगह इनको पनपने से रोका जा सके।
डा. अमनदीप ङ्क्षसह कपूर, पुलिस अधीक्षक, सीकर