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सरकार ने किया स्कूलों में ये बदलाव जानें क्या

जनता के बीच होगी विद्यार्थियों की बाल सभाएं
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sikar news

सरकार ने किया स्कूलों में ये बदलाव जानें क्या



सीकर. शिक्षा विभाग की ओर से बालकों में शैक्षिक, सह शैक्षिक क्षेत्र में गुणात्मक तथा सामाजिक सौहार्द व समन्वय में वृद्धि के लिए माह के प्रत्येक शनिवार को स्कूल परिसर की बजाय गांव-ढाणी व जनता के बीच बाल सभाएं होगी। बालसभ में विद्यार्थी 60 मिनट तक गांववासियों के सामने विभिन्न तरह के संदेश देकर मनोरंजन करेंगे। इसके लिए स्कूल शिक्षा एवं भाषा विभाग के प्रमुख शासन सचिव ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी एवं पदेन जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान, आरएससीईआरटी के निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा व माध्यमिक शिक्षा निदेशक को पत्र लिखकर निर्देश दिए है। बालसभा प्रदेश के समस्त राजकीय विद्यालयों में माह के प्रत्येक शनिवार को आवश्यक रूप से बालसभा का आयोजन होगा। सार्वजनिक स्थानों पर छात्र-छात्राओं को सुरक्षित पहुंचाने एवं पुन: विद्यालय तक लाने की समस्त जिम्मेदारी संस्थाप्रधान व शिक्षकों की होगी। बालसभा में विद्यालय में उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से ही किया जाएं। इसके अलावा ग्रामवासियों व अभिभावकों की ओर से स्वे‘छा से कोई सहयोग लिया जा सकता है।
कालांश में दस मिनिट की कटौती
शनिवार को बालसभा के अवसर पर स्कूलों में लगने वाले कालांश में दस मिनट की कटौती की जाएगी। इसके बाद स्कूल के अंतिम दो कालांश 80 मिनट के रहेंगे।
सरपंच व वार्डपंच से चर्चा करेंगे
बाल सभा के आयोजन से पहले पूर्व पंचायत के सरपंच/वार्डपंच/प्रबुद्ध नागरिकों से चर्चा कर बालसभा के लिए सार्वजनिक स्थान का चयन किया जाएगा। प्रत्येक बाल सभा के लिए हर बार भिन्न-भिन्न स्थान का चयन किया जाएगा। बालसभा में ग्रामीणों की सहभागिता के लिए आमंत्रित किया जाएगा। साथ ही इस दौरान विद्यार्थियों के अभिभावक भी उपस्थित होंगे।
वर्तमान सरकार की पूर्व सरकार की भांति शिक्षा विभाग में नए-नए प्रयोग करना चाहती है। इसका यह नतीजा है कि यह बालसभाएं गांव के सार्वजनिक स्थानों पर आदेश दिया है। वो औचित्यहीन है। क्योंकि गांवों की स्कूलों में लडक़ों के साथ-साथ लड़कियां भी पढ़ती है। सरकार को यह चाहिए है कि यह बाल सभाएं स्कूल परिसर में ही होनी चाहिए।
श्रवण पुरोहित, प्रदेशमंत्री, शिक्षक संघ शेखावत