
बेमिसाल शख्सियत: वेस्ट से बेस्ट निकाल पेश कर रहे पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल, डॉक्टर ने अपने घर को बनाया जैविक गार्डन
सीकर.
आज के भागदौड़ भरी जिदंगी में पर्यावरण प्रदूषण ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है। प्लास्टिक बैग, सहित अन्य अजैविक पदार्थ जल, जमीन और पर्यावरण में जहर घोल रहे हैं। इन वेस्ट पदार्थो से बेस्ट( उपयोगी सामान) निकालने का काम एक पर्यावरण का सजग पहरेदार कर रहा है। हम बात कर रहे हैं शहर के आनंदनगर निवासी डॉ. अजय गुप्ता की। वे धार्मिक स्थलों पर आए पूजा के कलश, पानी की खाली बोतल आदि व्यर्थ चीजों को संवार कर पर्यावरण संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश कर रहे हैं। यही नहीं मूक प्राणियों की सेवा भी करते हैं। गुप्ता नौ साल से बीमार और घायल श्वानों का निशुल्क उपचार कर रहे हैं। वहीं गुप्ता घरों में घुस जाने वाले जहरीले सांप को बिना शुल्क लिए पकड़ कर वन क्षेत्रों में छोड़ रहे हैं।
पानी निकासी का बनाया प्रोजेक्ट
जिला मुख्यालय के पास नानी गांव में भरने वाले गंदे पानी की समस्या के समाधान के लिए गुप्ता ने बाकायदा अपना प्रोजेक्ट बना रखा है। बकौल गुप्ता पानी भरने के दौरान अक्सर बड़े पेड़ मिट्टी सहित उखड़ जाते हैं। इससे गंदा का बांध टूट जाता है। ऐसे में पानी के जमा होने वाले मार्ग के आस-पास लगे बड़े पेड़ों के पास गुप्ता गिलोय के पौधे लगा दिए जाए तो बरसों पुरानी इस समस्या से निजात मिल सकती है। इसके लिए वे पेड़ों के पास गिलोय के पौधे लगा रहे हैं।
घर को बनाया जैविक गार्डन
दुर्गा पूजा और विभिन्न धार्मिक आयोजनों में कलश यात्रा के बाद अनुपयोगी रखे मिट्टी के कलश को तराश कर सीमेंट से दीवार पर लगा देते हैं। इसके बाद गुप्ता उनमें अलग-अलग प्रजातियों के पौधे लगा रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को लेकर उनकी सोच घर में देखी जा सकती है। होम्योपैथ चिकित्सक डॉ. गुप्ता ने अपने घर की छत जैविक गार्डन बना रखा है। इसमें मनीप्लांट, साइकस जैसे महंगे पौधों लगा रखे हैं। इसके अलावा मौसमी बीमारियों के नियंत्रण में प्रयुक्त होने वाली चिकित्सकीय मछलियां भी भी पाल रखी है।
Updated on:
22 Jan 2019 06:28 pm
Published on:
22 Jan 2019 03:19 pm
