
शेखावाटी में दिखा बवंडर का कहर: खेतों में उड़ी फसल, कई स्थानों पर पेड़ धराशाही, पोल टूटे
सीकर.
धूल के बवंडर ने रविवार को शेखावाटी अंचल को अपनी आगोश में ले लिया। मौसम के इस क्रूर रूप से लोग दहशत में आ गए। सीकर समेत जिले के स्थानों पर शाम चार से छह बजे तक अंधेरा हो गया। दृश्यता 50 मीटर भी नहीं रही। आंधी इतनी तेज की वाहन खड़े हो गए और बिजली गुल गुल हो गई। करीब आधा घंटे बाद बूंदाबादी होने पर गुबार कुछ कम हुआ।
बवंडर से सर्वाधिक नुकसान किसानों की फसलों का हुआ है। खेतों में काट कर रखी गई किसानों की सफल उड़ गई। कई स्थानों पर बिजली के पोल टूट गए। हालांकि अंधड़ आने के दौरान बिजली विभाग ने सप्लाई काट दी। ऐसे में किसी तरह की जनहानी नहीं हुई। दांतारामगढ़ क्षेत्र में आधा दर्जन पेाल टूटने की सूचना है। इसके अलावा कई पेड़ों की टहनियां टूटकर नीचे गिर गई।
बवंडर की चपेट में आने से पक्षियों की भी मौत हो गई। आसमां में काले बादलों का डेरा दिखाई देने लगा। जिला मुख्यालय से लेकर फतेहपुर, रामगढ़ शेखावाटी, लक्ष्मणगढ़, श्रीमाधोपुर, अजीतगढ़, दांतारामगढ़ सहित लगभग पूरे जिला बवंडर की चपेट में आ गया। साढ़े पांच बजे एक दम से आसमां में काली घटाए छा गई। शाम करीब साढ़े पांच बजे आसमां आंधी के गुबार से ढंक गया। कई जगह तेज आंधी से कच्चे मकान और टिन शेड उड़ गए। सबसे ज्यादा परेशानी दुकानदारों व राहगीरों को हुई। वहीं लोगों के आंखों में भी धूल के कण चले गए। इस दौरान बिजली गुल होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई। वहीं आसमान में बादल गरजने लगे और कहीं कहीं मामूली छींटे भी गिरे। हालांकि देर रात सीकर में 15 मिनट तेज बारिश हुई।
एक्सपर्ट व्यू
इस समय राजस्थान के उत्तरी पश्चिमी भागों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंच चुका है। राजस्थान के उत्तरी पश्चिमी भागों में एक चक्रवर्तीय सिस्टम पिछले दो तीन दिन से सक्रिय है, जिसके कारण दोपहर पश्चात वायु के तीव्र संवहन से आंधी तूफान आ रहे हैं। इसी समय जम्मू कश्मीर पर एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय है, जिसकी आद्र्रता से इन आंधियों के साथ कुछ वर्षा भी हो रही है। -राजीव बगडिय़ा
Updated on:
08 Apr 2019 07:51 pm
Published on:
08 Apr 2019 11:04 am
