
आठ सवाल छोड़ गई छात्रा की मौत, परिजनों ने 24 घंटे बाद भी नहीं लिया शव
सीकर. राजस्थान के सीकर जिले के एक्सीलेंस स्कूल में छत से गिरने से हुई छात्रा की मौत का ना तो राज खुला है और ना रही बवाल थमा है। गुरुवार को रात को परिजनों की सहमति से पुलिस ने छात्रा दीक्षा माथुर का शव जरूर एसके अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया। लेकिन, परिजन अब भी शव के पोस्टमार्टम से इन्कार कर रहे हैं। वह अब भी मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। जिससे मामला फिलहाल सुलझता नजर नहीं आ रहा है। इससे पहले छात्रा की हुई मौत पर आठ बड़े सवाल भी उठ खड़े हुए हैं, जिनमें स्कूल प्रशासन को कटघरे में लिया जा रहा है। बतादें कि बजाज रोड निवासी 17 वर्षीय दीक्षा माथुर सालासर रोड स्थित एक्सीलेंस शिक्षण संस्थान में कक्षा 12वीं की छात्रा थी। शीतकालीन अवकाश होने के बावजूद संस्थान में अतिरिक्त क्लास लगाकर कई कक्षाओं के विद्यार्थियों को बुला रखा था। इसी दौरान गुरुवार को छात्रा की स्कूल की चौथी मंजिल से गिरने पर मौत हो गई थी। जिसके बाद परिजनों ने उसे हत्या करार दिया और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर वह कल दोपहर करीब 12 बजे से लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
यह है बड़े सवाल
1. क्या हंसने की बात पर पड़ी डांट ही बनी छात्रा की मौत का कारण?
2. आखिर पहली मंजिल तक सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था क्यों?
3. स्कूल बंद तो चौथी मंजिल का गेट खुला क्यों छोड़ा गया?
4. घटना के बाद भी छात्रा के परिजनों से सच्चाई क्यों छुपाई गई?
5. छात्रा को तुरंत अस्पताल क्यों नहीं भिजवाया गया?
6. शीतकालीन अवकाश में किस की अनुमति से लगाई गई। अतिरिक्त क्लास?
7. छात्रा के अवसाद में थी तो ध्यान क्यों नहीं दिया गया?
8. छुट्टी से पहले ही कई विद्यार्थियों को घर क्यों भेजा?
हंसी बनी मौत की वजह
छात्रा के परिजनों का कहना था कि स्कूल आने से पहले उन्होंने अपने दिल के टुकड़े दीक्षा को हंसते-हंसते घर से रवाना किया था। परिजनों के अनुसार दीक्षा के स्कूल से करीब दस 10 बजे फोन आया था कि आपकी बच्ची कक्षा में हंस रही है। इस पर दीक्षा की मां ने फोन पर माफी भी मांगी थी। दो घंटे बाद स्कूल से दोबारा फोन आया कि आपकी बच्ची गिर गई है और उसे चोट लगी है।
एंबुलेंस के आगे आए परिजन
घटना के बाद जब दीक्षा के शव को पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस में एसके अस्पताल भिजवाया जा रहा था तो परिजन व उनके जानकार एंबुलेंस के आगे खड़े हो गए। और दोषियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़ गए। आक्रोशित होकर उन्होंने संस्थान के बाहर सालासर रोड पर जाम लगा दिया। नारेबाजी कर संस्थान स्टाफ के खिलाफ आक्रोश जताया। इधर, माहौल बिगड़ता देख आरएएसी का जाप्ता मौके पर बुलाया गया और समझाइश कर जाम को हटवाया गया।
विद्यार्थियों को घर से बुलाया
हादसे के बाद मौके पर चांदपोल चौकी प्रभारी हनुमान सिंह व सीओ सीटी गिरधारीलाल शर्मा मौके पर पहुंचे। इसके बाद घटना स्थल का जायजा लेने एसडीएम व तहसीलदार भी स्कूल पहुंचे। घर जा चुके विद्यार्थियों को बयानों के लिए मौके पर बुलाया गया। स्टाफ व प्रिंसीपल के बयान अलग से दर्ज किए। हालांकि सैकड़ों की भीड़ और पुलिस को देखकर बच्चे घबरा गए और बयान देने से पहले ही कई रोने लग गए। पूछताछ के लिए उन्हें अलग-अलग रूम में बुलाया गया और घटना से पहले व बाद की जानकारी जुटाई गई।
Published on:
28 Dec 2018 12:54 pm
