
प्रदेश के किसानों को नहीं मिल रहा मेहनत का मोल
सीकर. हाडतोड मेहनत से तैयार सरसों और चना को समर्थन मूल्य पर बेचने के बाद भी किसानों को उसका मूल्य नहीं मिल रहा है। इसकी बानगी है कि प्रदेश में राजफैड के जरिए 1 अप्रेल के बाद से किसानों से उपज तो खरीदी जा रही है लेकिन भुगतान नहीं हो रहा है। इसका नतीजा है कि पंजीयन करवाने के बाद भी लोग खरीद केन्द्रों से दूरी बना रहे हैं। ऐसे में किसानों को निजी हाथों में उपज बेचनी पड़ रही है। वहीं व्यापारी भी मनमर्जी से किसानों की उपज खरीद रहे हैं। गौरतलब है कि प्रदेश में एक अप्रेल से सरसों और चना की खरीद प्रति क्विंटल क्रमश 4200 और 4620 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से हो रही है। 30 जून तक चलने वाली खरीद के लिए सीकर, दांतारामगढ़, नीमकाथाना, पलसाना, फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़, श्रीमाधोपुर में केन्द्र बनाए हैं।
भुगतान में देरी कारण भुगतान में देरी को देखते हुए किसानों की संख्या भी बेहद कम है। हाल यह है कि खरीद केन्द्रों पर बारदाना तो बहुत है लेकिन खरीद के लिए तय गुणवत्ता के पैमाने के कारण भी किसानों का कम रुझान है। यही कारण है कि जिले में सरसों के लिए पंजीकृत किसान 3733 है और केवल उपज 791 किसान ही बेच पाए। और भुगतान केवल 114 किसानों को हुआ है। चना के लिए 2909 किसान पंजीकृत हुए 303 किसानों ने उपज बेची। और तीस किसानों को ही भुगतान हुआ। इधर भुगतान में देरी के पीछे जिम्मेदारों का कहना है कि बैंक खाते की गडबड़ी के कारण खाते के कारण भी भुगतान नहीं हो पा रहा है।
फैक्ट फाइल
चना
केन्द्र, पंजीयन, विक्रेता किसान, कुल राशि, भुगतान राशि
दांतारामगढ- 483-69-54,95,490-13,07,460
पलसाना- 206-18-16,88,610-27,720
सीकर-871-27-20,12,010-0
फतेहपुर-423-03-2,84,130-0
लक्ष्मणगढ-568-12-10,09,470
नीमकाथाना-217-103-73,06,530
श्रीमाधोपुर-141-71-39,36,240
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सरसों
केन्द्र, पंजीयन, विक्रेता किसान, कुल राशि, भुगतान राशि
दांतारामगढ- 635-137-90,80,400-32,80,200
पलसाना- 338-118-94,98, 300-12,36,900
सीकर- 861-109-72,19,800-0
फतेहपुर- 450-19-10,10,100-0
लक्ष्मणगढ- 521-38-23,56,200-0
नीमकाथाना- 567-225-1,33,72,800-0
श्रीमाधोपुर- 361-145-65,64,100-18,27,000
इनका कहना है
प्रदेश में सरसों और चना को समर्थन मूल्य पर बेचने वाले किसानों को 25 अप्रेल तक का भुगतान किया जा चुका है। कई बार खाता संख्या गलत होने के कारण भी भुगतान में देरी हो जाती है।
- ज्ञानचंद शर्मा, महाप्रबंधक और खरीद प्रभारी, राजफैड
Updated on:
04 May 2019 08:17 pm
Published on:
04 May 2019 08:17 pm
