6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

युवक से जबरन खाली चेक पर साइन करवा मांगे 25 लाख, नहीं देने पर जान से मारने की धमकी !

25 लाख रुपए की व्यवस्था नहीं करके देने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है।
2 min read
Google source verification
Forcibly signature on cheque demanding 25 lakh in sikar

युवक से जबरन खाली चेक पर साइन करवा मांगे 25 लाख, नहीं देने पर जान से मारने की धमकी

सीकर.

25 लाख रुपए की व्यवस्था नहीं करके देने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सूदखोरों ने रुपयों के लिए पीडि़त से तीन खाली चेक पर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए और इसके बाद चेक बाउंस का मुकदमा दर्ज कराकर तीन लाख के बदले 25 लाख रुपए मांग रहे हैं। जबकि तीन लाख के बदले ढाई लाख रुपए वह संबंधित सूदखोर को लौटा चुका है। कोर्ट इस्तगासे के जरिए कोतवाली में दर्ज हुए प्रकरण में डोलियो का बास, कुम्हारों का मोहल्ला निवासी अजय कुमार ने राजेंद्र पर आरोप लगाए हैं। मामले के अनुसार अजय कुमार का आरोप है कि राजेंद्र के साथ वह शेयर मार्केट व कोमोडीटी का काम करता था। उसने राजेंद्र से तीन लाख रुपए उधार लिए थे। जिसके बदले में वह उसे दो लाख 55 हजार रुपए अदा कर दिए थे। बाकी के 45 हजार रुपए देने पर भी नहीं लिए। इसके बाद राजेंद्र अपने साथी को लेकर परिवादी के घर आया और उसे जबरन गाड़ी में बैठा कर ले गया। इसके बाद मारपीट कर तीन खाली चेक पर हस्ताक्षर करवा लिए और 25 लाख की व्यवस्था नहीं करने पर जान से मारने की धमकी दी। रुपए नहीं देने पर राजेंद्र ने सुरेंद्र व राकेश को परिवादी के हस्ताक्षरशुदा खाली चेक देकर उसमें गलत राशि भरवा कर चेक बाउंस करवा दिए और इसके बाद चेक बाउंस का परिवादी के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करवा दिया। परिवादी अजय का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद जांच सहायक उप निरीक्षक जीतेंद्र कुमार को सौंपी गई है। लेकिन, सुनवाई नहीं होने पर उसको जान-माल का खतरा सता रहा है।

Read More :

सरकारी पैसे का दुरुपयोग करना तो कोई इनसे सीखे, अपने घर में ही कर लिया ऐसा जुगाड़, देखकर अधिकारी भी चौंक गए

पीडि़त की पहुंच में होंगे थाने
सीकर. गांव की दूरी के हिसाब से थानों का परिवर्तन किया जाएगा। ताकि पीडि़त व्यक्ति अपनी रिपोर्ट उसके नजदीक पडऩे वाले थाने में दर्ज करा सके। इस नई कवायद के लिए अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस(पुनर्गठन)नेपुलिस अधीक्षकों से अधिसूचना के प्रारूप मांगे हैं। जिनमें गृह मंत्री द्वारा ली गई बैठक का हवाला देते हुए निर्देशित किया गया है कि वर्तमान थाने से किसी गांव की दूरी अधिक है या फिर उस गांव के नजदीक कोई पुलिस थाना है तो प्रशासनिक व जनहित की दृष्टि से उस क्षेत्र का थाना परिवर्तन किया जाना है।