
subhash Baral
सीकर. सदर थाने में रिमांड पर चल रहे गैंगस्टर सुभाष बराल से अब एसओजी राज उगलवाएगी। इसके लिए जल्द ही जयपुर से एसओजी की टीम सीकर आ सकती है। वहां भी उसके खिलाफ कई जांच लंबित है। पूछताछ में सुभाष ने पुलिस के सामने कबूला है कि उसने ही जयपुर में बलवीर बानूड़ा के बेटे सुभाष बानूड़ा को हथियार उपलब्ध करवाए थे।
इन्हीं हथियारों से सुभाष के इशारे पर हार्डकोर आरोपी सुखदेव के घर पर फायरिंग की गई थी। कमरे के अंदर होने के कारण सुखदेव बच गया। सदर थाने के एसएचओ करण सिंह खंगारोत के अनुसार अभी पूरी जानकारी तो नहीं है, लेकिन एसओजी बराल से पूछताछ कर सकती है। राजू ठेहठ के गुर्गे सुखदेव पर बराल की गैंग के लोगों ने फायरिंग की थी। फायरिंग के आरोप में पुलिस ने देवेश, अनिल, हरलाल, श्रवण व मुकेश को गिरफ्तार कर लिया। वे भी अभी रिमांड पर हैं।
जब पुलिस ने subhash baral को नेकर में पैदल घुमाया, देखें वीडियो
sikar gangwar and Firing Case
- फायरिंग के पांचों आरोपितों ने रिमांड के दौरान पुलिस को बताया था कि उन्होंने सुभाष बराल के इशारे पर फायरिंग की थी। आनंदपाल गिरोह के गैंगस्टर सुभाष बराल ने पुलिस रिमांड में चौंकाने वाला खुलासा किया है।
-इस पर पुलिस बराल को प्रोडक्शन वारंट पर दौसा जेल से गिरफ्तार कर यहां लेकर आई। सुभाष बराल ने यह तो मान लिया कि उसने ही सुभाष बानूड़ा को हथियार दिलवाए थे, लेकिन यह नहीं बताया कि हथियार किससे दिलवाए थे। हथियार कहां से आए थे।
- राजू ठेहठ से जुड़े हार्डकोर अपराधी सुखदेव पर फायरिंग के लिए बराल ने ही बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष को हथियार उपलब्ध करवाए थे।
-इसके बाद हथियारों की सप्लाई गुर्गों तक पहुंचने पर आरोपियों ने सुखदेव के घर जाकर फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया था। हालांकि 14 राउंड फायर होने के बाद भी सुखदेव कमरे से बाहर नहीं निकला और गनीमत यह रही कि वह जिंदा बच गया था।
-सदर थाना प्रभारी करण सिंह खंगारोत ने बताया कि दौसा जेल से गैंगस्टर सुभाष बराल को प्रोडक्शन वारंट पर सीकर लाया गया था।
-गिरफ्तारी के बाद बुधवार को बराल को न्यायालय में पेश किया। यहां कोर्ट ने उसे पांच दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है।
-शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि राजू ठेहठ के गुर्गे और हार्डकोर अपराधी सुखदेव पर फायरिंग करने के लिए बराल ने ही आनंदपाल के साथी रहे बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष को जयपुर में हथियार उपलब्ध कराकर दिए थे।
-सीकर पुलिस का मानना है कि सुभाष के जरिए यह हथियार फायरिंग करने वाले आरोपी श्रवण, देवेश, अनिल, हरलाल व मुकेश के पास पहुंचाए गए होंगे।
-हालांकि फायरिंग के पीछे इन लोगों का उदेश्य सुखदेव को खत्म करना था या फिर केवल डराने के लिए फायरिंग की गई थी। क्योंकि फायरिंग करने वाले केवल सुखदेव वाले कमरे के बाहर फायर करते रहे।
-इसके बाद वे लोग वहां से वापस लौट गए थे। जबकि उनको पता था कि सुखदेव अकेला है और कमरा खुलवा कर उसे ढेऱ भी किया जा सकता है। हालांकि इसके बारे में पुलिस ने अभी खुलासा नहीं किया है और मामले की जांच गहराई से करने में जुटी है।
फरार है बलबीर बानूड़ा का बेटा सुभाष
राजू ठेहठ के करीबी मनोज ओला पर फायरिंग करने के बाद बलबीर बानूड़ा का बेटा सुभाष फरार है और अभी तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। ऐसे में फिर से गैंगवार की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। हालांकि पुलिस सुभाष की तलाश में दबिश दे रही है।
आमने-सामने हुई पूछताछ
फा यरिंग में गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपी व सुभाष बराल को पूछताछ के लिए आमने-सामने बैठाया गया। जिसमें बराल ने कबूला कि हथियार उसने ही उपलब्ध कराए थे। हालांकि पूछताछ में श्रवण, देवेश, हरलाल, अनिल व मुकेश पुलिस को ज्यादा जानकारी नहीं दे पाए। जिनसे मामले की खुलासे की उम्मीद पुलिस लगाए बैठी है।
Published on:
06 Oct 2018 12:56 pm
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